राहत राशि को लेकर सियासत तेज, अमन अरोड़ा ने अमित शाह से 1600 करोड़ का ब्योरा मांगा

राज्य

चंडीगढ़.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा में होने वाली रैली से पहले पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता बैठक में उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। अमन अरोड़ा ने सबसे पहले ग्रामीण विकास निधि की राशि का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मद में पंजाब के करोड़ों रुपये रोक रखे हैं। इसके कारण राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि कब जारी की जाएगी। मंत्री ने पिछले वर्ष आई बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस आपदा से पंजाब को भारी नुकसान हुआ था। उस समय प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए सोलह सौ करोड़ रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक उस राशि में से एक भी रुपया पंजाब को नहीं मिला है। मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि एकतरफा आदेश जैसा प्रतीत होता है, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने पूछा कि सरकार ने इस समझौते के सामने झुकने का निर्णय क्यों लिया। अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों को कर में छूट देने से पंजाब को आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार इस विषय पर भी केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

दूसरे राज्यों से आ रहे नशे पर भी उठाया सवाल
नशे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नशे की खेप दूसरे राज्यों से आती है। इसलिए इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार को भी सख्त कदम उठाने चाहिए। मंत्री ने रोजगार योजना को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब बीस वर्षों से चल रही इस योजना में बदलाव से लाखों लोगों के सामने बेरोजगारी का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र से पूछा कि आखिर इस तरह का निर्णय किस मजबूरी में लिया गया।

गैस किल्लत पर केंद्र को घेरा
अमन अरोड़ा ने गैस संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गलत विदेश और घरेलू नीतियों के कारण देश में गैस की किल्लत की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बरनाला की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लंबी लाइन में खड़े एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पहले भी नोटबंदी के समय देखने को मिली थी, जब लोग लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हुए थे। अरोड़ा ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर केंद्र सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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