अफीम कांड के बाद सख्ती: बलरामपुर में लंबे समय से तैनात 58 पटवारियों का तबादला, प्रशासन हरकत में

छत्तीसगढ़ रायपुर

बलरामपुर.

जिले में हाल ही में सामने आए अवैध अफीम की खेती के मामलों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने एक साथ 58 पटवारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस निर्णय के तहत कई तहसीलों में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों को हटाकर अन्य स्थानों पर भेजा गया है।

जारी आदेश के अनुसार राजपुर, रामानुजगंज, कुसमी, वाड्रफनगर, शंकरगढ़, रघुनाथनगर और बलरामपुर सहित कई तहसीलों के पटवारियों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था में कसावट लाना, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारियों के कारण बन रही प्रशासनिक ढिलाई को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने राजस्व तंत्र में सख्ती दिखाते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पटवारियों के तबादले को प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित पटवारियों को 13 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी संबंधित पटवारियों को 16 मार्च 2026 तक अपने नए पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आदेश का पालन नहीं करने या निर्धारित समय में नई पदस्थापना स्थल पर जॉइन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने और लापरवाही पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रशासन राजस्व विभाग में और भी सख्ती बरत सकता है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry