सिंधी समाज की एकजुटता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सराहना

छत्तीसगढ़ रायपुर

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में हुए शामिल

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित “सिंधीयत जो मेलो” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सिंधी समाज की एकजुटता और उनकी संघर्षशील परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सिंधी समाज ने देश के इतिहास के सबसे कठिन दौर—विभाजन की विभीषिका—का सामना किया है। इसके बावजूद इस समाज ने व्यापार और उद्यम के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज के अनेक परिवारों को अपनी पुश्तैनी संपत्ति और घर-बार छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था और परिश्रम के बल पर उन्होंने नई शुरुआत की और आज सिंधी समाज विकास के नए-नए सोपान रच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज का यह जुझारूपन और आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणास्पद है और इसके लिए समाज के सभी सदस्य प्रशंसा के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज को एकजुट होने का अवसर मिलता है। जब समाज संगठित और मजबूत होता है तो राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता वास्तव में सराहनीय है और इस प्रकार के मेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य यही होता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे। इस मेले में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज सिंधी समाज के लोग देश के कोने-कोने में बसे हुए हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा उद्यमशीलता के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय से शुरुआत कर अपने कार्य को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जो उनके परिश्रम और दूरदर्शिता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार  प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश सरकार ने  अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेश में आज से प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में  गौधाम स्थापित किए गए हैं। इन गौधामों के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। यहां पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, काऊ कैचर, दवाइयाँ तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और हम उनका पूजन करते हैं। गाय से प्राप्त पंचगव्य को अमृत के समान माना गया है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन में विशेष महत्व रखता है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज अत्यंत मेहनतकश समाज है। उन्होंने समाज द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। 

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक  मोती लाल साहू, धमतरी महापौर  रामू रोहरा, पूज्य छत्तीसगढ़ी सिंधी पंचायत के अध्यक्ष  महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित  थे।

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