हरियाणा की राजनीति गरमाई: 12 कांग्रेस विधायकों पर BJP का बड़ा दावा, नांदल से संपर्क का खुलासा

राज्य

चंडीगढ़.

हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में उजागर हुई कांग्रेस की फूट का भाजपा फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने दावा किया कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के संपर्क में 12 कांग्रेस विधायक थे। इनमें से सिर्फ पांच ने ही सतीश नांदल को वोट दिए। तीन कांग्रेस विधायकों के वोट रद हुए, जबकि एक कांग्रेस विधायक ने अपना वोट भाजपा के अधिकृत चुनाव एजेंट खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम को अपना वोट दिखा दिया था। इस तरह कांग्रेस के कुल चार वोट रद हुए हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक कांग्रेस विधायक के वोट की पर्ची को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने हाथ से पकड़ा था। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी को यह वोट भी रद करनी चाहिए थी। अगर कांग्रेस का यह वोट रद हो जाता तो बिना किसी व्यवधान के सतीश नांदल की जीत तय थी और कांग्रेस बुरी तरह पराजित होती। मोहन लाल बड़ौली ने कहा है कि कांग्रेस का अपने विधायकों पर नियंत्रण नहीं है। क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों में से पहले सिर्फ चार के नाम उजागर किए गए, लेकिन एक विधायक का नाम छिपा लिया। बाद में जनता का दबाव बढ़ा तो पांचवें विधायक के नाम को सार्वजनिक किया गया। यह विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बड़ा थोड़े ही है, जिसका नाम छिपाने की कोशिश की गई थी।

प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि सतीश नांदल ने भाजपा, इनेलो व कांग्रेस के विधायकों से समर्थन मांगा था। बता दें कि गन्नौर के निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान पहले ही कह चुके हैं कि सतीश नांदल का नामांकन कराने से पहले इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला को भरोसे में लिया गया था और उनकी पार्टी के दोनों विधायक सतीश नांदल को वोट देने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने भी सतीश नांदल को धोखा दे दिया। हालांकि डबवाली के इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने देवेंद्र कादियान के इस दावे को खारिज किया, लेकिन सतीश नांदल ने स्वयं आगे बढ़कर कहा कि उन्होंने अभय सिंह चौटाला व इनेलो विधायकों के साथ-साथ कांग्रेस विधायकों से भी वोट मांगे थे।

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