PM मोदी का बड़ा बयान, ‘जंग जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं

नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पीएम मोदी ने राज्यसभा में संबोधन के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो हालात गंभीर होंगे। संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. दूसरे हाफ के नए हफ्ते के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ईरान जंग पर बयान दिया था. पीएम मोदी आज राज्यसभा में इसी मुद्दे पर बयान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि भारत हर सेक्टर में यह प्रयास कर रहा है कि किसी भी सेक्टर में दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भरता न हो. पीएम ने शिप बिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक, आत्मनिर्भरता के प्रयास गिनाए और कहा इस संकट ने दुनिया को हिला दिया है. इससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है।
लंबे समय तक रह सकते हैं युद्ध के दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह संकट अलग प्रकार का है और इसके समाधान भी अलग प्रकार से ही तय किए जा रहे हैं. इस युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है. हम देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सतर्क हैं. हम देश की जनता के हित में हर निर्णय ले रहे हैं।
जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम ईरान, अमेरिका और इजरायल समेत सभी पक्षों से लगातार संपर्क में हैं. युद्ध से जिस तरह की परिस्थितियां बनी हैं, अगर यह जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे. हमारे फंडामेंटल्स मजबूत हैं और हम रणनीति के साथ काम कर रहे हैं कि भारत पर इसके कम से कम दुष्परिणाम हों. पश्चिम एशिया में जंग की वजह से जितना नुकसान हो चुका है, उससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. यह राज्यों का सदन है और यह संकट आने वाले समय में हमारी बड़ी परीक्षा लेने वाला है. राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम होने वाली है. पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ गरीबों को समय पर मिलता रहे, यह प्रयास करना होगा. राज्यों को प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा
संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. दूसरे हाफ के नए हफ्ते के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ईरान जंग पर बयान दिया था. पीएम मोदी आज राज्यसभा में इसी मुद्दे पर बयान दे रहे हैं. पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है. हम सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह जंग जारी रही, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि भारत हर सेक्टर में यह प्रयास कर रहा है कि किसी भी सेक्टर में दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भरता न हो. पीएम ने शिप बिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक, आत्मनिर्भरता के प्रयास गिनाए और कहा इस संकट ने दुनिया को हिला दिया है. इससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा. सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है।
लंबे समय तक रह सकते हैं युद्ध के दुष्परिणाम- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह संकट अलग प्रकार का है और इसके समाधान भी अलग प्रकार से ही तय किए जा रहे हैं. इस युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है. हम देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सतर्क हैं. हम देश की जनता के हित में हर निर्णय ले रहे हैं।
कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए. संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना हम सभी का दायित्व है. हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे. ये टीम इंडिया की भी बड़ी परीक्षा है. कोविड काल में हमने नया मॉडल सामने रखा था. हमें उसी भावना के साथ आगे भी काम करना होगा. सभी राज्य सरकारों और केंद्र के प्रयासों से देश इस गंभीर संकट का प्रभावी तरीके से सामना कर पाएगा।
सिविल इंफ्रा पर हमलों का भारत ने किया है विरोध- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान जंग पर राज्यसभा में बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है।



