सपनों की ऊँचाई के लिए पंख चाहिए, और वो पंख हमारे अपने होते हैं: दिव्या दत्ता

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मुंबई 
सपनों को पूरा करने की दौड़ में कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में अगर किसी का सहारा मिले तो संघर्ष कुछ हद तक आसान लगने लगता है। यही बात बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा कि टैलेंट के साथ-साथ अगर किसी का साथ मिल जाए तो इंसान कामयाबी हासिल कर सकता है। दिव्या दत्ता ने कहा, ''हर इंसान के अंदर टैलेंट जरूर होता है, लेकिन उसे पहचानने के लिए किसी अपने का साथ जरूरी होता है। जब किसी व्यक्ति को परिवार का साथ मिलता है तो उसका आत्मविश्वास और हौसला दोगुना हो जाता है। सपनों को उड़ान देने के लिए पंख चाहिए होते हैं, और ये पंख हमारा अपना परिवार और अपने ही लोग ही होते हैं।''

 दिव्या दत्ता ने अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा, ''मैंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को देखा है कि वे किस तरह अपनी पहचान बना रहे हैं। कोई गृहिणी अपने कुकिंग टैलेंट को दुनिया के सामने ला रही है, तो कोई ट्रैवल ब्लॉग के जरिए लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहा है। इन सभी कहानियों में एक चीज समान है, और वो है अपने परिवार और करीबियों का साथ… इस साथ के जरिए उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है।''

उन्होंने कहा, ''मैंने अक्सर देखा है कि लोग अपनी ही दुनिया में सिमटे रहते हैं और ये मानकर बैठे रहते हैं कि उनकी परेशानियां और संघर्ष सबसे बड़े हैं, लेकिन जब हम दूसरों की कहानियों को देखते हैं, तब पता चलता है कि हर किसी की अपनी-अपनी लड़ाई है, जिसे लड़कर वह आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर किसी को थोड़ा सा भी सहारा मिल जाए तो वह बड़ी से बड़ी मुश्किल को पार कर सकता है।'

इस बातचीत में फिल्ममेकर सशांत शाह ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''आज के समय में सोशल मीडिया एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। यहां हर किसी के टैलेंट को मौका मिलता है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि टैलेंट को सही समर्थन भी मिले। अगर किसी के अंदर काबिलियत है तो उसे आगे लाने के लिए किसी का साथ मिलना बहुत जरूरी है।'

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