आस्था और रहस्य का संगम: महाअष्टमी पर बंजारी मंदिर में नाग-नागिन के दर्शन की अनोखी परंपरा

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी के अवसर पर राजधानी रायपुर के देवी मंदिरों में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। आज मां महागौरी की पूजा की जा रही है और शहर के तमाम मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। अष्टमी के मौके पर रायपुर के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही हवन, पूजन और आरती का दौर जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं, जिससे हर जगह आस्था का सैलाब नजर आ रहा है।

बंजारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
रावांभाठा स्थित बंजारी माता मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बंजारी माता मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसे बंजारा समाज द्वारा खोजा गया था, जिसके कारण इसका नाम बंजारी माता मंदिर पड़ा। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा को लेकर कहा जाता है कि यह मां बगलामुखी की मूर्ति है, जो पास के जंगल से प्राप्त हुई थी।

नाग-नागिन की अनोखी मान्यता
मां बंजारी मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता भी प्रचलित है। बताया जाता है कि यहां दर्शन के लिए नाग-नागिन के जोड़े आते हैं। पुजारियों के अनुसार पहले एक जोड़ा देखा जाता था, लेकिन अब समय के साथ कई जोड़े यहां नजर आने लगे हैं।

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