SLR-राइफल के साथ सरेंडर: कांकेर में 6 इनामी माओवादियों ने छोड़ा लाल रास्ता

छत्तीसगढ़ रायपुर

कांकेर

कांकेर जिला अंतर्गत दो दिनों में राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 05 माओवादी कैडर एवं मिलिट्री कंपनी-05 के 01 कैडर ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में स्वरूपा उसेंडी के ऊपर 8 लाख और शेष प्रत्येक माओवादी पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। कुल 33 लाख के इनामी माओवादियों ने पुलिस के सामने घुटने टेके हैं।

हथियारों के साथ पहुंचे नक्सली, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित

आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एसीएम मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, एसीएम मंगती जुर्री, एसीएम हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, एसीएम राजे और पीपीसीएम स्वरूपा उसेंडी (पीएलजीए कंपनी-05) शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए इन माओवादी कैडरों द्वारा कुल 03 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया है, जिसमें 01 नग एसएलआर तथा 02 नग .303 राइफल शामिल हैं। पुनर्वास हेतु आगे आए माओवादी कैडरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं।

बस्तर आईजी की अपील, मुख्यधारा में लौटें शेष बचे माओवादी

वे सभी 06 माओवादी कैडर जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी आदि की कार्रवाई संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आयोजित की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि जो कैडर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

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