नेपाल में बालेन युग का आगाज, बालेंद्र शाह ने 12:34 के मुहूर्त में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली

दुनिया

काठमांडू 
आज, 27 मार्च 2026 से नेपाल में 'बालेन' युग की शुरुआत हो गई है। काठमांडू के पूर्व मेयर और 'रैपर' से राजनेता बने बालेन शाह (बालेंद्र शाह) ने नेपाल के 40वें और देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। 35 वर्षीय बालेन ने अपनी पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाकर नेपाल के पुराने राजनीतिक घरानों और पारंपरिक दलों के वर्चस्व को खत्म कर दिया था।

शपथ ग्रहण समारोह और '12:34' का शुभ मुहूर्त
राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन 'शीतल निवास' में बालेन शाह को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के लिए आज दोपहर 12:34 बजे का समय चुना गया था। हिंदू ज्योतिष और पंडितों के अनुसार यह समय बेहद शुभ माना गया और साथ ही यह '1-2-3-4' का एक अनूठा अंकगणितीय पैटर्न भी बनाता है। इसके बाद वह दोपहर 14:15 बजे (14-15 पैटर्न) अपना कार्यभार संभालेंगे।

बालेन शाह नेपाल के शीर्ष कार्यकारी पद पर पहुंचने वाले मधेश मूल के पहले व्यक्ति भी बन गए हैं। इस समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ-साथ बौद्ध लामाओं की प्रार्थनाएं भी शामिल की गई हैं।

प्रचंड बहुमत और दिग्गज नेताओं की हार
बालेन की 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटों पर क्लीन स्वीप करते हुए दो-तिहाई के करीब बहुमत हासिल किया है। सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब बालेन शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से नेपाल के चार बार के प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी (UML) के दिग्गज नेता के.पी. शर्मा ओली को भारी अंतर से हरा दिया।

'Gen Z' का आंदोलन और बदलाव की लहर
नेपाल में सितंबर 2025 में आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर युवाओं (Gen Z) ने एक बड़ा और हिंसक आंदोलन किया था। इसके बाद हुए इस पहले आम चुनाव में युवाओं ने पुरानी राजनीतिक पार्टियों को पूरी तरह से नकार दिया। अपनी शपथ से ठीक पहले बालेन ने देश में एकता का संदेश देने के लिए 'जय महाकाली' नामक एक रैप सॉन्ग का नया वीडियो जारी किया। सोशल मीडिया पर आते ही इसे कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज मिल गए।

बालेन शाह का सफर: इंजीनियरिंग से सत्ता के शीर्ष तक
27 अप्रैल 1990 को जन्मे बालेन पेशे से एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। राजनीति में आने से पहले वे युवाओं के बीच एक लोकप्रिय रैपर के रूप में मशहूर थे, जो अपने गानों के जरिए सिस्टम की कमियों पर निशाना साधते थे। मई 2022 में उन्होंने काठमांडू के मेयर का चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। अपने कार्यकाल के दौरान कड़े फैसलों और अतिक्रमण हटाने की मुहिम से उन्होंने 'सुधारक' की छवि बनाई। जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री पद की रेस में उतरने के लिए उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था।

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