कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी: सीएम सैनी ने कालाबाजारी करने वालों को दी सख्त चेतावनी

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हरियाणा

सीएम नायब सैनी ने कहा कि सरकार का फोकस एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट करने पर है। इसके तहत 13,33,603 कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि अब तक 5,759 कनेक्शन ही लगाए गए हैं।

हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक गैस नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला

सरकार ने पीएनजी पाइपलाइन पर लगने वाले लीज रेट को 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर से घटाकर मात्र 1 हजार रुपये प्रति किलोमीटर एकमुश्त कर दिया है। इस फैसले से गैस कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी और राज्य में पाइपलाइन बिछाने की रफ्तार तेज होगी।  

वर्तमान में प्रदेश में 28,377 किलोमीटर पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, जिसे और विस्तार देने की योजना है। हरियाणा में वाणिज्य सिलिंडर का आपूर्ति 20 फीसदी और बढ़ाई, अब 70 फीसदी आपूर्ति होगी। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास पर प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी।सीएम ने कहा कि सरकार का फोकस एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट करने पर है। इसके तहत 13,33,603 कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि अब तक 5,759 कनेक्शन ही लगाए गए हैं। अधिकारियों को जल्द से जल्द 2 लाख कनेक्शन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में 586 सीएनजी स्टेशन भी संचालित हैं, जिससे गैस आधारित ईंधन को बढ़ावा मिल रहा है।

पेट्रोल-डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आम लोगों को राहत मिली है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राज्य में 4,032 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां रोजाना 4,804 किलोलीटर पेट्रोल और 12,003 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो रही है।

एलपीजी की उपलब्धता पर भी सरकार ने संतोष जताया

प्रतिदिन 2 लाख सिलेंडर राज्य में पहुंच रहे हैं, जिनमें से करीब 1.90 लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। बोटलिंग प्लांट पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। अस्पतालों और स्कूलों के लिए वाणिज्य एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है, फिलहाल 1.73 लाख वाणिज्य सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 928 सिलेंडर और 4 वाहन जब्त किए हैं तथा 86 लोगों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और प्रदेश में किसी भी तरह की कमी नहीं है।

 

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