कराची
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के बाद अब मैदान से ज्यादा सुर्खियां कोर्टरूम जैसी सुनवाई बटोर रही हैं. पाकिस्तान के अनुभवी ओपनर फखर जमां ने PSL में हुए विवाद के बाद उन पर लगे बॉल टेंपरिंग के आरोपों को खारिज कर दिया है. यह मामला लाहौर कलंदर्स (Lahore Qalandars) और कराची किंग्स (Karachi Kings) के बीच मुकाबले से जुड़ा है.
गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के बाद यह विवाद भड़का. रविवार रात 35 साल के फखर जमां पर मैच रेफरी रोशन महानामा ने PSL कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.14 के तहत लेवल-3 का आरोप लगाया- जो सीधे-सीधे गेंद की हालत से छेड़छाड़ से जुड़ा है.
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान सुपर लीग के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कराची किंग्स ने 3 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की, लेकिन असली कहानी आखिरी ओवर से ठीक पहले हुए विवाद ने लिखी. दूसरी पारी के 19 ओवर पूरे होने के बाद मैच में अचानक ड्रामा शुरू हुआ.
लाहौर कलंदर्स को आखिरी ओवर में 14 रन बचाने थे और गेंदबाजी कर रहे थे हारिस रऊफ. इसी दौरान रन-अप के पास शाहीन शाह आफरीदी, हारिस रऊफ और फखर जमां के बीच हल्की बातचीत हुई और इसी दौरान तीनों खिलाड़ियों ने गेंद को हाथ लगाया.
मैदान पर मौजूद अंपायर फैजल आफरीदी को यह हरकत संदिग्ध लगी. उन्होंने तुरंत गेंद की जांच करवाई. इसके बाद सरफुद्दौला के साथ लंबी चर्चा के बाद अंपायरों ने फैसला सुनाया- कलंदर्स ने जानबूझकर गेंद की हालत बदली है.
आखिरी ओवर में पहले ही गेंद पर खुशदिल शाह आउट हुए, फिर एक वाइड ने दबाव और बढ़ा दिया. इसके बाद अब्बास आफरीदी ने चौका और छक्का जड़कर कराची को रोमांचक जीत दिला दी.
मैच के बाद शाहीन आफरीदी इस फैसले से नाराज दिखे, लेकिन उन्होंने ज्यादा विवाद बढ़ाने से बचते हुए कहा, 'मुझे नहीं पता कि गेंद से छेड़छाड़ हुई या नहीं. हम वीडियो देखकर बात करेंगे. 5 रन की पेनल्टी चुभती है, लेकिन अभी कुछ कहना ठीक नहीं.'
आगे क्या?
फखर जमां ने सुनवाई के दौरान खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ. मैच रेफरी अगले 48 घंटे में दोबारा सुनवाई करेंगे, जिसके बाद फैसला आएगा.
अगर आरोप साबित होते हैं, तो फखर जमां ही नहीं, पूरी लाहौर कलंदर्स टीम पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

