फर्जी ईमेल और करोड़ों की हेराफेरी, बैंक मैनेजर राघव गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र सिंह की तलाश में छापेमारी तेज

राज्य

पंचकूला
कोटक महिंद्रा बैंक के उप-उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के 150 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले में नाम आने के बाद बैंक ने पंचकुला नगर निगम को 127 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। यह राशि उसी फंड से संबंधित है, जिसे कथित धोखाधड़ी में गबन कर लिया गया था

पंचकूला नगर निगम घोटाला: ACB की कार्रवाई के बाद कोटक बैंक ने लौटाए ₹127
करोड़
कोटक महिंद्रा बैंक के उप-उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के 150 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले में नाम आने के बाद बैंक ने पंचकुला नगर निगम को 127 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। यह राशि उसी फंड से संबंधित है, जिसे कथित धोखाधड़ी में गबन कर लिया गया था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (SV & ACB) द्वारा पंचकुला की एक अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बैंक के पुष्पेंद्र सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुष्पेंद्र सिंह वर्तमान में फरार चल रहे हैं। उन्होंने पंचकुला के सेक्टर-11 स्थित उसी शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे, जहां यह घोटाला हुआ था।

बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव ने जांच एजेंसी को बताया कि वह पुष्पेंद्र सिंह की गिरफ्तारी में सहयोग कर सकता है, क्योंकि वह उनके विभिन्न ठिकानों की जानकारी रखता है। राघव ने यह भी दावा किया कि वह घोटाले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देने में सक्षम है। वहीं जांच एजेंसी के अनुसार, जब राघव को उनके कार्यालय ले जाया गया, तब पंचकुला नगर निगम के अधिकारियों ने उसे उसी व्यक्ति के रूप में पहचाना, जो उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों से संबंधित गलत जानकारी वाले ईमेल भेजा करता था। उनकी शिकायत पर राघव को 25 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था।

 बैंक द्वारा 127 करोड़ रुपये लौटाये
 शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैंक ने केवल मूलधन राशि ही वापस की है, जबकि नगर निगम को हुए वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि पंचकुला नगर निगम की सावधि जमा (FD) और संबंधित बैंक खातों के मिलान की प्रक्रिया के दौरान कुछ विसंगतियां पाई गई हैं, जो बैंक और नगर निगम दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। इनकी जांच वर्तमान में चल रही है। सरकारी संस्थानों के साथ बैंक के लंबे समय से चले आ रहे अच्छे संबंधों को देखते हुए, जांच पूरी होने तक बैंक ने नगर निगम के पास 127 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।

एफआईआर के अनुसार, पंचकुला नगर निगम ने बैंक की सेक्टर-11 शाखा में 145.03 करोड़ रुपये की 16 सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) रखी हुई थीं, जिनकी परिपक्वता राशि 158.02 करोड़ रुपये बताई गई थी। इनमें से 11 फिक्स्ड डिपॉजिट 16 फरवरी को परिपक्व हुईं, जिनकी कुल राशि 59.58 करोड़ रुपये थी। जब नगर निगम ने बैंक से संपर्क किया, तो बैंक अधिकारियों द्वारा दिए गए बयान न तो आपस में मेल खाते थे और न ही नगर निगम के रिकॉर्ड से। इसके अलावा, बैंक में नगर निगम के दो अतिरिक्त खाते भी पाए गए, जो स्थानीय निकाय के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे।

इस मामले में दिलीप कुमार राघव को आज अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस और जांच एजेंसी फरार आरोपी पुष्पेंद्र सिंह की तलाश में तेजी से छापेमारी कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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