रिश्तों के नाम पर ठगी का धंधा, 2286 फर्जी प्रोफाइल के साथ 38 लाख की ठगी का पर्दाफाश

छत्तीसगढ़ रायपुर

 राजनांदगांव

 एक अनाम शिकायत की जांच पर शहर के सृष्टि कॉलोनी में मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहा अंतरराज्यीय ठगी का रैकेट फूटा है। इस मामले में बसंतपुर पुलिस ने एक महिला सहित दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में देश के कई राज्यों के युवकों और उनके परिवारों से कुल 38 लाख की ठगी किए जाने का राजफाश हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित शादी के रिश्तों के लिए युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी कर रहे थे। कुल 2286 युवतियों की फोटो सहित फर्जी प्रोफाइल पुलिस को मिली है जिन्हें युवकों को भेजा जाता था। इसके बाद युवतियों से उनकी बातचीत भी कराई जाती थी, जिसके बाद रकम की ठगी होती थी।

नेहा और धर्मेंद्र चला रहे थे लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो

आईपीएस वैशाली जैन ने बताया कि आरोपित लेबर कॉलोनी निवासी नेहा पाठक (23) और कवर्धा के जंगलपुर निवासी धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) मिलकर ये रैकेट चला रहे थे। इनके अलावा भी और लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने बाकायदा 'लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो' के नाम पर कंपनी भी रजिस्टर्ड करवाई थी, जो कि दो सालों से संचालित की जा रही थी। इस मैरिज ब्यूरो में ठगी के संबंध में पिछले दिनों एक अनाम शिकायत मिली थी, जिस पर जांच शुरू की गई तब जाकर ये फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में और भी आरोपित हैं जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

रजिस्ट्रेशन और मीटिंग के नाम पर बेचते थे महंगे पैकेज

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से सात स्मार्टफोन, 14 नग की-पैड मोबाइल और नौ रजिस्टर बरामद किए गए हैं, जिसमें युवकों की जानकारी और फर्जी प्रोफाइल का ब्यौरा दर्ज है। आरोपित युवतियों के फर्जी फोटो का इस्तेमाल करते थे। इसके रजिस्ट्रेशन, मीटिंग, परिवार से मुलाकात के नाम पर अलग-अलग पैकेज बेचे जाते थे। इनकी कीमत 30 हजार से लेकर 40 हजार तक थी। जब युवक या स्वजन भुगतान कर देते थे, ऐन मुलाकात से पहले बहाने बना दिए जाते थे। जांच में पुलिस को सात अलग-अलग स्मार्टफोन के व्हाट्सएप में ऐसी सैकड़ों चैट्स मिली हैं। इनके बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

हाईटेक तरीके से ऑपरेशन, भांडा फूटा तो बंद की वेबसाइट

सीएसपी वैशाली जैन के मुताबिक आरोपित विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कॉर्पोरेट सिम का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी की एक वेबसाइट भी मौजूद है, जिसे भांडा फूटने के बाद 'अंडर मेंटेनेंस' पर डाल दिया गया है। आरोपित इंटरनेट मीडिया पर मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन भी कर रहे थे, जिसके सहारे इनके पास कस्टमर आते रहे।

सोशल मीडिया की सार्वजनिक फोटो का हो रहा गलत इस्तेमाल

इंटरनेट मीडिया का युग आने के बाद से ही इसमें फोटो सार्वजनिक किए जाने से जुड़े जोखिमों को लेकर बहस होती रही है। इस मामले ने भी इसकी गंभीरता उजागर की है। फर्जी प्रोफाइल तैयार करने के लिए आरोपित इंटरनेट मीडिया से ही युवतियों के फोटो निकालकर उनका इस्तेमाल झांसा देने और ठगी के लिए कर रहे थे। इस घटना से सबक लेने और युवतियों को सोशल मीडिया में फोटो के इस्तेमाल के लिए सतर्क रहने की जरुरत है। एआई (AI) से भी इसका गलत इस्तेमाल संभव है।

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