इंदौर में बेसमेंट पार्किंग खाली करने की तैयारी, नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई, ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन चार जोन में

मध्य प्रदेश राज्य

 इंदौर
 शहर की प्रमुख इमारतों की बेसमेंट में पार्किंग के उपयोग की जगह पर व्यावसायिक उपयोग पर अब रोक लगाई जाएगी। नगर निगम बेसमेंट से दुकानों व गोदाम को खाली करवाएगा। बेसमेंट में पार्किंग के अलावा अन्य उपयोग पाए जाने पर भवन को सील किया जाएगा।

पुलिस के साथ मिलकर नगर निगम की टीम आगामी दिनों में कार्रवाई शुरू करेगी। यह निर्णय सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चार जोन में बांटे गए ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

वर्तमान में शहर में अभी तक तीन हजार ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन हुए हैं और एक आकलन के मुताबिक फिलहाल शहर में 11 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऐसे में जो ई-रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

ई-रिक्शाओं को कलर कोड से रंगा जाएगा
आठ एसीपी जोन के माध्यम से चार सेक्टर में बांटे गए ई-रिक्शाओं को उस क्षेत्र के विशेष कलर कोड से रंगा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस कार्रवाई भी करेगी। इसके अलावा इंदौर में निर्धारित 16 ब्लैक स्पाट पर आईडीए, एनएचएआई, एमपीआईडीसी और नगर निगम सहित अन्य एजेंसियों सुधार के लिए जल्द से जल्द काम करेगी।

शहर के कई रहवासी व व्यावसायिक इलाकों से सड़कों में स्पीड ब्रेकर के लिए मांग के प्रस्ताव समिति के पास पहुंचे हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस उस क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां के ट्रैफिक स्थिति का आकलन कर स्पीड ब्रेकर निर्माण के लिए अनुमति देगी।

बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एसपी ग्रामीण यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी, अपर आयुक्त आकाश सिंह, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बसों के रूट में परिवर्तन किया गया
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जनहानि को रोकना है। इसके लिए इंजीनियरिंग सुधारों के साथ-साथ सतत मानिटरिंग की जा रही है। संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के पालन की नियमित समीक्षा भी की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा था।

इसलिए बसों के रूट में परिवर्तन किया गया है, जिससे ट्रैफिक में सुधार देखने को मिला है। हालांकि यात्रियों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

आठ मार्गों पर किया जा रहा सुधार
यातायात व्यवस्था सुधार के लिए शहर के आठ प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां अतिक्रमण और अव्यवस्थित संरचना के कारण जाम की स्थिति बनती थी। इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, लेफ्ट टर्न व्यवस्थित करने तथा विद्युत खंभों एवं डीपी शिफ्टिंग की कार्रवाई जारी है, जिससे यातायात सुगम बनाया जा सके।

ट्रैफिक सुधार के लिए दिए गए ये निर्देश

    सड़क किनारे खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई होगी, वाहनों पर लाक लगाया जाएगा।
    एयरपोर्ट के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन व बिजासन माता मंदिर के बीच रिक्त भूमि पर एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से सर्विस रोड बनाई जाएगी।

    बायपास एवं अन्य प्रमुख मार्गों जहां पर दुर्घटनाएं संभावित रहती हैं उन क्षेत्रों के चिह्नित रहवासियों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आवश्यकता पड़ने पर वे पीड़ितों को तुरंत सीपीआर दे सकेंगे।

    निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं और सड़कों के वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत जल्द की जाए।

 

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