चंडीगढ़.
पंजाब में पिछले चार वर्षों से चल रही ‘कार्यकारी’ डीजीपी व्यवस्था को खत्म करते हुए अब नियमित डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिया है।
सरकार द्वारा भेजी गई सूची में मौजूदा कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनके साथ ही 1992 बैच के शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम भी भेजे गए हैं। 1993 बैच से गुरप्रीत कौर दियो, जतिंदर कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम शामिल हैं, जबकि 1994 बैच के सुधांशु शेखर श्रीवास्तव समेत सात अन्य अधिकारियों के नाम भी इस सूची में हैं। दूसरी ओर, 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए असमर्थता जताई है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लिया गया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी और मार्च 2026 में राज्यों में लंबे समय तक कार्यकारी डीजीपी रखने की परंपरा पर सख्त आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि ऐसा करना योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अधिकार से वंचित करने के समान है। यूपीएससी ने भी पंजाब सरकार को 5 मार्च और 18 मार्च को रिमाइंडर भेजे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च को सार्वजनिक तौर पर पुष्टि की कि सरकार यूपीएससी के नियमों का पालन करेगी।
UPSC तीन नामों का पैनल करेगी फाइनल
नियमों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के लिए यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाती है। इस समिति में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव और मौजूदा डीजीपी शामिल होते हैं। यह समिति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तीन अधिकारियों के नाम फाइनल कर राज्य सरकार को भेजेगी, जिनमें से सरकार एक को नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त करेगी।
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