ब्लैक में गैस खरीदने को मजबूर मेस संचालक, मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज के 500 छात्रों के सामने भोजन का संकट

राज्य

 मेदिनीनगर

झारखंड के पलामू के पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एलपीजी गैस की किल्लत से मेडिकल कालेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता में कटौती की गई है. चाय और अंडा बंद कर दिया गया है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है.

छात्र हुए नाराज
छात्रों ने बताया कि पिछले एक माह से नाश्ता में केला दिया जा रहा है. एलपीजी गैस की सुविधा रहने से अंडा, केला और चाय सुबह में मिलता था. गैस की कमी के कारण मेस संचालक को काफी परेशानी हो रही है. छात्रों ने बताया कि मेंस संचालक ने छात्रों को जानकारी दिया था कि गैस की कमी के कारण खाना तैयार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अल्टीमेटम दिया है कि सुबह का नाश्ता और खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है. इससे छात्र काफी नाराज हो गए थे.

संचालक को मेस चलाना मुश्किल
मेस संचालक ने ब्लैक में गैस लेकर नाश्ता और खाना बनाना शुरू किया. जो काफी महंगा पड़ रहा है. ब्लैक में गैस लेने के कारण में संचालक को मेस चलाना मुश्किल हो रहा है. उसने विद्यार्थियों को पैसा बढ़ाने की बात कही, जिससे इस समस्या से निजात मिल सके. लेकिेन छात्र संचालक के बात से सहमत नहीं हुए. इस कारण मेस संचालक को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है.

मेडिकल कालेज मेस में हर तीन सिलिंडर की खपत
मेदिनीराय मेडिकल कालेज के मेस में खाना बनाने के लिए हर दिन 40 केजी गैस की जरूरत है. कालेज में करीब 500 छात्र और छात्राएं पढ़ाई करते हैं. सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना बनाने के लिए हर दिन गैस की जरूरत पड़ती है. इसके लिए महीने में 60 सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है. गैस की किल्लत के कारण मेस संचालक को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण उन्हें ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने के कारण मेस का खर्च बढ़ जा रहा है. मेस का खर्च बढ़ने के कारण संचालक काफी परेशान हैं. मेस संचालक ने बताया कि गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी या कोयले से खाना बनाना पड़ सकता है. इससे काफी परेशानी होगी. समय पर भोजन नहीं मिल पाएगा.

मेडिकल कॉलेज जिला प्रशासन को भेजेगा पत्र
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जक्का श्रीनिवासन राव ने कहा कि मेस संचालक को आवेदन देने के लिए कहा गया है. आवेदन को जिला प्रशासन को भेजा जाएगा, जिससे कि गैस की उपलब्धता आसानी से हो सके.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry