आशा एक्का ने बैंक सखी बन कर आत्मनिर्भरता की कहानी लिखी, 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर : बैंक सखी बन आशा एक्का ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत, 5 करोड़ से अधिक का किया ट्रांजेक्शन

बुजुर्गों और असहाय के लिए सहारा बनीं बैंक सखी आशा एक्का

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल क्रांति से जोड़ रही बिहान की दीदीयां

रायपुर
ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बैंकिंग को घर-घर पहुंचाने में 'बिहान' की दीदियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम कांति प्रकाशपुर की रहने वाली आशा एक्का आज जिले की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो घर की चारदीवारी से निकलकर आर्थिक आजादी की राह चुनना चाहती हैं।

बैंक सखी और बैंक मित्र के रूप में सेवा
वर्ष 2017 से 'बिहान' (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी आशा एक्का ने अपनी 12वीं तक की शिक्षा का सदुपयोग करते हुए बैंक सखी और बैंक मित्र की जिम्मेदारी संभाली। वे न केवल एक गृहिणी हैं, बल्कि गाँव की बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य कड़ी बन चुकी हैं। आशा बताती हैं कि उनके पति छोटे किसान हैं और घर पर किराना दुकान चलाते हैं, लेकिन बिहान से जुड़ने के बाद उनकी पहचान और आमदनी दोनों में बड़ा बदलाव आया है।

बुजुर्गों और असहाय के लिए बनीं सहारा
आशा का कार्य केवल ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सेवा भाव से भी कार्य कर रही हैं। गाँव की बुजुर्ग महिलाएँ जिन्हें पेंशन लेने दूर जाना पड़ता है या मनरेगा के मजदूर जिन्हें मजदूरी भुगतान के लिए बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं, आशा उन सभी का भुगतान गाँव में ही सुनिश्चित करती हैं। वे कहती हैं, "जो लोग बैंक आने-जाने में असमर्थ हैं, मैं उनके घर जाकर बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूँ। जब वे खुशी से दुआएं देते हैं, तो काम की थकान मिट जाती है।"

5 करोड़ का ट्रांजेक्शन और आत्मनिर्भरता
श्रीमती आशा एक्का अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये का वित्तीय ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं। इस कार्य से उन्हें हर  महीने 10 से 12 हजार रुपये की सम्मानजनक आय हो रही है। इस आर्थिक संबल से वे अपने दो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिला पा रही हैं। 

शासन की योजनाओं का जताया आभार
अपनी सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए आशा ने कहा कि बिहान योजना ने हम जैसी गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार करते हुए कहा कि आज हम जैसी हजारों ग्रामीण महिलाएं महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण पेश कर रही हैं, जो न केवल अपने परिवार की आजीविका चला रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल क्रांति से भी जोड़ रही हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry