प्रदेश के 68 कॉलेजों में एआई कोर्सेस की शुरुआत, आईआईटी दिल्ली से छात्रों को मिलेगी महत्वपूर्ण सुविधा

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

 मध्यप्रदेश में कॉलेजों के स्टूडेंट के लिए बड़ी पहल की गई है। यहां परंपरागत विषयों से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि एआई एवं फिनटेक विथ एआई कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। ये ऑनलाइन सर्टिफिकेट होंगे जिससे स्टूडेंट आसानी से रोजगार से जुड़ सकेंगे। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र में 68 महाविद्यालयों में एआई आधारित पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। इनमें प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के साथ स्वायत्त महाविद्यालय भी शामिल हैं। एआई एवं फिनटेक विथ एआई कोर्स प्रदेश के इन कॉलेजों में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किए जाएंगे।

प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई तो चल ही रही है, इसके साथ ही यहां के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी कई कवायदें की जा रही हैं। इसके लिए महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिल्ली आईआईटी के सहयोग से यह काम किया जा रहा है।

प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एआई एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वायत्त महाविद्यालय शामिल हैं। यह कोर्स आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा। विद्यार्थियों को इसकी सुविधा नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मिलना शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर तैयारी पूर्ण कर ली गई है।

बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार प्रदेश के कॉलेजों में रोजगारोन्मुखी शिक्षा की बात लगातार कहते रहे हैं। उनका मानना है कि यहां ऐसे कोर्सेस की पढ़ाई कराई जाए जिनकी उद्योगों को जरूरत है। इससे स्टूडेंट को आसानी से नौकरियां मिल सकेंगी।

2000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष 2000 विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं फिनटेक विथ आई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में यह लक्ष्य 1000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।

नवीन शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को मिलेगा पाठ्यक्रमों का लाभ
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने बताया कि महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वे आसानी से रोजगार से जुड़ सकेंगे। प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रथम चरण की सफलता को देखते हुए छात्र संख्या को दोगुना कर दिया गया है।

प्रमुख बिंदु

मध्यप्रदेश के 68 महाविद्यालयों में संचालित होगा एआई आधारित पाठ्यक्रम
नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में होंगे प्रारंभ
आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित होगा पाठ्यक्रम
प्रदेश के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में प्रारंभ होगा कोर्स
13 स्वायत्त महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम संचालित होगा

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