वृंदावन में दर्दनाक बोट हादसा, 10 की मौत, 5 लापता, घंटों बाद दलदल में फंसी बोट

उत्तर प्रदेश राज्य

वृंदावन

वृंदावन में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। जब यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा स्टीमर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम पहुंची। राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक एक पर्यटक के शव को बाहर निकला गया है।

वृंदावन में शुक्रवार को पीपा पुल से टकराने के बाद स्टीमर पलट गया। जिससे उसमें सवार सभी लोग डूब गए। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक एक पर्यटक का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन के अधिकारी मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुलिस और प्रशासन मिलकर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। गोताखोर यमुना के गहरे पानी में डूबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर डीएम और एसपी भी पहुंच गए हैं। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। दुर्घटनास्थल पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई है। जिससे बचाव कार्य में थोड़ी परेशानी हो रही है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और रेस्क्यू टीम का सहयोग करने की अपील कर रहा है। बचाव कार्य तेजी से जारी है। हर संभव कोशिश की जा रही है कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

इनकी हुई मौत, लापता लोगों की तलाश जारी, तीन से पांच तक हो सकती संख्या
वृंदावन स्टीमर हादसे में सपना अरोरा, इशान कटारिया, कविता बहल, आशा रानी, मीनू बंसल, राकेश गुलाटी, अंजू, प्रिंसी, करोरी, मधुर बहल की मौत हुई है। वृंदावन में हादसा हुए 3 घंटे हो चुके हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है। स्टीमर और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। आर्मी, पीएसी और गोताखोर लगातार सर्च कर रहे हैं।

डीआईजी बोले- लापता लोगों की संख्या 3 से 5 तक हो सकती
डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालुओं का एक दल नाव से यात्रा कर रहा था। दो नावों में कुल 33 लोग सवार थे। जिनमें से एक नाव में 25-27 लोग थे। और वही हादसे का शिकार हो गई। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। जबकि 12 लोग सुरक्षित बचा लिए गए हैं। 3 से 5 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। उनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि वे बाहर निकल गए हैं या अब भी फंसे हुए हैं।

10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग
बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है। 

कैसे डूबी बोट?
स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए। 

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