कांग्रेस कभी नारी शक्ति को सशक्त बनाना नहीं चाहती, इसलिए मोदी सरकार का कर रही विरोध
रायपुर
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र आम जनता की खुशहाली, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन तय है और जनता ममता बनर्जी सरकार से छुटकारा चाहती है।
साव ने रायपुर में वार्डों अध्यक्षों की सूची निरस्त होने पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनता का कांग्रेस से विश्वास उठ चुका है। पार्टी के भीतर आपसी खींचतान और नेतृत्व की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन और तय प्रक्रिया का अभाव है, जहां निर्णय बार-बार बदले जाते हैं। जो नेता पावर में आता है वो अपना कानून अपने हिसाब से चलाते हैं। जिला अध्यक्ष ने सूची बनाई, उसे प्रदेश अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष बनाएंगे, तो जिला अध्यक्ष निरस्त कर देंगे तो ये खेल चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि, कार्यकर्ताओं की इज्जत, जनता का सम्मान कांग्रेस नेताओं के डिक्शनरी में नहीं है।
साव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस द्वारा राजनीति किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब महिलाओं को उनका अधिकार मिल रहा है, लेकिन कांग्रेस इस पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा एक परिवार के बारे में सोचती है, जबकि भाजपा देश की महिलाओं और जनता को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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