स्वतंत्रता दिवस से पहले साजिश मामले में बड़ा फैसला, तीन आतंकियों को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश राज्य

कानपुर

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों को दहलाने की साजिश रचने वाले तीन आतंकियों मिन्हाज अहमद, मुशीरुद्दीन और तौहीद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

इनकी गिरफ्तारी लखनऊ से हुई थी, लेकिन बाद में यह दावा किया गया कि मिन्हाज और मुशीरुद्दीन ने कानपुर में भी आतंकी नर्सरी तैयार करने की योजना बनाई थी और इसके लिए एक बिल्डर की मदद से चमनगंज में इनके लिए ठिकाना तैयार किया जा रहा था।

मिन्हाज और मुशीरुद्दीन के कानपुर कनेक्शन को लेकर कोई जांच रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन इस बार के पुख्ता सबूत बताए गए थे कि दोनों का कानपुर से गहरा नाता था। दावा था कि मिन्हाज ने बताया था कि उसने कानपुर में टेरर क्लास रूम प्लान किया था। इसके लिए जगह की जिम्मेदारी चमनगंज के एक बड़े बिल्डर को दी गई थी।

उसने बताया था कि यहां नौजवानों को रेडिकलाइज करके आतंक का पाठ पढ़ाया जाना था। यह भी सामने आया था कि रहमानी मार्केट से मिन्हाज के लिए दो प्री-एक्टिवेटेड सिम और एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया था। उस वक्त मीडिया में बिल्डर को उठाकर उनसे पूछताछ की खबर भी सामने आई थी, लेकिन उसकी कभी पुष्टि नहीं हो सकी।

यह भी सामने आया था कि मिन्हाज ने चमनगंज के हिस्ट्रीशीटर से एक पिस्टल भी खरीदी थी। इसका फाइनेंसर नई सड़क का एक बिल्डर था। उस वक्त एटीएस व जांच एजेंसियों की चहलकदमी चमनगंज के अलावा पेंचबाग में भी सामने आई थीं।

स्लीपर सेल की तरह किया काम
जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ साल तक मिन्हाज ने स्लीपर सेल की तरह काम किया और फिर नौकरी जाने के बाद वह सक्रिय रूप से अलकायदा के साथ जुड़कर काम करने लगा। सूत्रों के मुताबिक वह इतना कट्टर हो चुका था कि वह खुद को मानव बम बनाने पर भी राजी हो गया था।

 

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