पंजाब और चंडीगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी, गेहूं खरीद पर केंद्र ने दी विशेष छूट

राज्य

चंडीगढ़ 

बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की खरीद के लिए विशेष छूट को मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। उन्होंने लिखा," अनियमित वर्षा के चलते गेहूं खरीद में छूट देने का अनुरोध 9 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके तुरंत बाद 10 अप्रैल को सभी जिलों में हालात का जायजा लेने के लिए टीमों को तैनात किया गया।

प्रभावित किसानों को मिलेगी तुरंत राहत
मैदानी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026–27 के तहत यह अहम फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में फसल बेचने (डिस्ट्रेस सेल) से बचाया जा सकेगा और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि ये छूटें RMS 2026–27 की शुरुआत से ही लागू होंगी, जिससे प्रभावित किसानों को तुरंत राहत मिलेगी।

किसानों ने चक्का जाम का फैसला टाला
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश आज से ही लागू हो जाएंगे। किसानों ने रेल का चक्का जाम करने की घोषणा की थी हालांकि बाद में उसे टाल दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने भी सुबह ही इस संबंध में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने एफसीआई के जरिए राज्य सरकार को गेहूं खरीद के मानकों में बदलाव की जानकारी दे दी थी।

केंद्र सरकार के पत्र के अनुसार गेहूं खरीद के मानकों में दी गई छूट

1. कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा पूरे पंजाब और चंडीगढ़ (यू.टी.) में 70% तक बढ़ा दी गई है।

2. सिकुड़े हुए एवं टूटे हुए दानों की सीमा, जो पहले 6% थी, उसे बढ़ाकर 15% तक कर दिया गया है।

3. क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा।

4. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से रखा जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा।

5. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार और चंडीगढ़ (यू.टी.) स्वयं जिम्मेदार होंगे।

6. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

7. इस छूट के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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