CEIR पोर्टल बना वरदान: बठिंडा में पुलिस ने तकनीक के दम पर बरामद किए करोड़ों के फोन

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बठिंडा. पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आधुनिक तकनीक के सही इस्तेमाल से पुलिस बल उन डिवाइसों तक पहुँचने में सफल रहा है, जिन्हें लोग खो चुके मान चुके थे। इस साल पुलिस ने अब तक कुल 224 मोबाइल फोन ट्रैक किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 32 लाख 15 हजार 200 रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद ये सभी फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए हैं।

तीन साल के आंकड़ों में बड़ी उपलब्धि
एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस ने इस सफलता का विवरण साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन सालों में पुलिस की सक्रियता और पोर्टल की सटीकता के कारण कुल 1579 मोबाइल बरामद हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023 में 80, 2024 में 262 और साल 2025 में रिकॉर्ड 1013 मोबाइल फोन खोजे गए थे, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक थी। वर्ष 2023 से 2026 के बीच का यह सफर बठिंडा पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

CEIR पोर्टल की कार्यप्रणाली और लाभ
भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए फोन को ट्रैक करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। इस पोर्टल के जरिए आम नागरिक घर बैठे अपने फोन की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल की टीमें तकनीकी सहायता से फोन की लोकेशन ट्रेस करती हैं। इसके अलावा, इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे खोए हुए फोन को ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे डेटा चोरी का खतरा खत्म हो जाता है।

त्वरित शिकायत से आसान होती है बरामदगी
बठिंडा पुलिस के अनुसार, सीआईए स्टाफ और साइबर क्राइम सेल की टीमें मिलकर इस दिशा में निरंतर काम कर रही हैं। एसएसपी ने आम जनता को संदेश दिया है कि फोन गुम होने की स्थिति में बिना किसी देरी के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर दी गई सूचना से तकनीक की मदद लेना आसान हो जाता है और फोन मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस विभाग का कहना है कि वे नागरिकों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए भविष्य में भी इसी तरह के अभियान जारी रखेंगे।

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