भोपाल-इंदौर में चौंकाने वाला हाल: RTE के तहत अब तक शून्य एडमिशन, अंतिम तारीख बढ़ाकर 25 अप्रैल की गई

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 25 अप्रैल कर दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी होनी थी, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं होने के कारण राज्य शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है।

पहले चरण में इतने पात्र
इस वर्ष आरटीई के पहले चरण में 1 लाख 78 हजार 714 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश आवंटित किया गया है। इनमें 72 हजार 812 बच्चों को उनकी पहली पसंद के स्कूल मिले हैं। इसके बावजूद कई स्कूलों में सीटें खाली पड़ी हैं।
 
कई जिलों में हालात गंभीर
स्थिति यह है कि प्रदेशभर में 320 निजी स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां 20 प्रतिशत से भी कम प्रवेश हुए हैं। कई जिलों में तो हालात और गंभीर हैं, जहां कुछ स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। भोपाल में 19, इंदौर में 27, ग्वालियर में 13, जबलपुर में 14, देवास में 12 और दमोह में 11 निजी स्कूलों में अब तक शून्य प्रवेश दर्ज किए गए हैं।

प्रवेश लेने नहीं पहुंचे बच्चे
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जिन बच्चों को आवंटन मिला है, वे अभी तक प्रवेश लेने नहीं पहुंचे हैं। राजधानी के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूलों में भी आरटीई के तहत अपेक्षित प्रवेश नहीं हो पाए हैं।

राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार, जिन बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं, उन्हें पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जा चुकी है। अभिभावक अब 25 अप्रैल तक संबंधित स्कूल में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा सीधे स्कूलों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।

अधिकारियों का क्या कहना
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कहा कि यदि किसी अभिभावक को प्रवेश में परेशानी होती है या स्कूल द्वारा इनकार किया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी और संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry