रायबरेली
पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान रोकने व डुप्लीकेट मतदाताओं को पकड़ने के लिए हर व्यक्ति का नौ अंक का एक यूनिक नंबर जारी होगा। इससे मतदान के दौरान होने वाले विवादाें को भी समाप्त किया जा सकेगा। यह नंबर 10 जून को जारी होने वाली मतदाता सूची में ही होगा।
जनपद में 980 ग्राम सभा में चुनाव होने हैं। इसको लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने करीब तैयारी पूरी कर ली है। अब सिर्फ को सभी को मतदाता सूची का इंतजार हैं।
इस बार मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। इस बार प्रत्येक मतदाता को यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा, जो मतदाता सूची में ही होगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (इपिक) की तरह यह नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की पहचान बनेगा।
ऐसे लिंक होगा यूनिक नंबर
इस नंबर से मतदाता की व्यक्तिगत पहचान के साथ ही विकास खंड और गांव से भी वह डिजिटल रूप से जुड़ा रहेगा। अगर मतदाता का नाम किसी कारण वश सूची से हट जाएगा तो उसका एसवीएन नंबर भी स्वत: समाप्त हो जाएगा। इससे कोई भी उसके नाम पर मतदान नही कर सकेगा। दोबारा किसी अन्य को आवंटित नही किया जाएगा।
इससे एक ही व्यक्ति के कई बूथों पर नाम होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनायक शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अलग साफ्टवेयर बनाया गया है। इसके माध्यम से हर मतदाता का एसवीएन जारी किया जाएगा। इस योजना से चुनाव में फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक सकेगा। इससे मतदान प्रक्रिया भी आसान होगी।
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