ग्वालियर
दतिया जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सोनागिर मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये मूल्य की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री बरामद की है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात मुख्य आरोपित का बेखौफ बयान रहा। सीहोर निवासी विशाल विश्वकर्मा ने पूछताछ के दौरान कहा कि “जमानत मिलते ही फिर चोरी करूंगा, यही मेरा प्रोफेशन (पेशा) है।” उसका कहना है कि वह अब तक एक हजार से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
मंदिर से चोरी हुई थी चांदी की मूर्ति
गौरतलब है कि 4-5 अप्रैल की दरम्यानी रात सोनागिर की पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की चांदी की मूर्ति, सिंहासन और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी हो गई थी। इस घटना से प्रदेशभर, खासकर जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था।
अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड
एसपी सूरज वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपित विशाल विश्वकर्मा (निवासी खाईंखेड़ा, थाना अहमदपुर, सीहोर) अंतरराज्यीय स्तर का शातिर मूर्ति चोर है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं या वह संदिग्ध रूप से जुड़ा रहा है।
रेकी करने वाले दो सहयोगी भी गिरफ्तार
पुलिस ने दतिया जिले के ग्राम रेंडा निवासी दिलीप दांगी उर्फ नन्ने और गुलाब अहिरवार (कुम्हेड़ी) को भी गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने मंदिर की रेकी कर मुख्य आरोपित की मदद की थी। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस अब आरोपितों के नेटवर्क और अन्य वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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