महिला स्वास्थ्य की पहल: बरनाला की संस्था ने 6800 महिलाओं को बांटे तीन महीने के सेनेटरी पैड

राज्य

बरनाला.

न कोई सरकारी बजट, न कोई बड़ा दफ्तर, न कोई राजनीतिक मंच बस एक संकल्प कि बरनाला की एक भी बेटी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहे। यही संकल्प है मिट्टी फाउंडेशन का, जिसने आज तक 6800 महिलाओं और बेटियों तक तीन-तीन महीने के सेनेटरी पैड पहुंचाकर वो मुकाम हासिल किया है जो बड़ी-बड़ी सरकारी योजनाएं भी नहीं कर पाईं।

आज इसी मिशन की अगली कड़ी के रूप में मिट्टी फाउंडेशन के संस्थापक एवं नगर पार्षद और हेमराज गर्ग के नेतृत्व में सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर बरनाला में 200 जरूरतमंद छात्राओं को विशेष स्वास्थ्य किट भेंट की गईं। प्रत्येक किट में 28 सेनेटरी पैड, एक तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट शामिल थे।

वो संख्या जो बताती है असली कहानी
6800 यह केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह 6800 उन महिलाओं और बेटियों की कहानी है जो पहले इस बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित थीं। यह उन परिवारों की मजबूरी है जहां सेनेटरी पैड को विलासिता समझा जाता था, जरूरत नहीं। और यह उस एक इंसान की जिद है जिसने तय किया कि यह हालात बदलेंगे। हेमराज गर्ग ने आज के कार्यक्रम में कहा कि जब उन्होंने यह मुहिम शुरू की थी तो लोगों ने कहा था कि इस विषय पर कौन बात करेगा, कौन साथ देगा। लेकिन आज मिट्टी फाउंडेशन की यह यात्रा 6800 महिलाओं तक पहुंच चुकी है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है।

शर्म की दीवार तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती
हेमराज गर्ग ने बेबाकी से कहा कि देश में सेनेटरी पैड के मुद्दे पर आज सबसे ज्यादा बात करने की जरूरत है, लेकिन शर्म और संकोच के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि यही शर्म हमारी बेटियों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी दुश्मन है। जब एक किशोरी को यह नहीं पता कि माहवारी के दौरान स्वच्छता कितनी जरूरी है तो वह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक भी पीड़ित होती है। गर्ग ने कहा कि मिट्टी फाउंडेशन केवल सेनेटरी पैड नहीं बांट रही, बल्कि उस चुप्पी को तोड़ रही है जो दशकों से हमारे समाज में घर किए हुए है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि इस विषय पर घर में, स्कूल में और समाज में खुलकर बात करें क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है।

किट में था पूरे स्वास्थ्य का संदेश 
इस बार वितरित की गई किट महज सेनेटरी पैड तक सीमित नहीं थी। 28 सेनेटरी पैड के साथ-साथ तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट देकर मिट्टी फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य केवल एक पहलू नहीं, यह एक समग्र जीवनशैली है। संस्था का मानना है कि जब बेटी स्वस्थ होगी तभी वह पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी और समाज को बदलेगी।

विद्यालय प्रबंधन ने की सराहना
सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर के अध्यक्ष एडवोकेट जीवन मोदी,मैनेजर एडवोकेट अभय जिंदल और एडवोकेट सोमनाथ गर्ग ने मिट्टी फाउंडेशन की पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब समाज में ऐसी संस्थाएं काम करती हैं तो सरकारी तंत्र की कमियां भी भर जाती हैं। उन्होंने संस्था के इस निस्वार्थ कार्य को समाज के लिए अनुकरणीय बताया और कहा कि मिट्टी फाउंडेशन का यह मिशन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। कार्यक्रम में मिट्टी फाउंडेशन के अनेक समर्पित सदस्य उपस्थित रहे जिन्होंने छात्राओं को किट वितरित करने में उत्साहपूर्वक सहयोग दिया।

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