नई दिल्ली
रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर इमरजेंसी के लिए तैयारी को बेहतर बनाने के मकसद से, डीआरडीओ ने दिल्ली के बुराड़ी मैदान में खास सेंटर खोला है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) फील्ड ट्रेनिंग और डेमोंस्ट्रेशन सेंटर खोला। डीआरडीओ के चेयरमैन समीर वी. कामत ने इसका उद्घाटन किया। यह ट्रेनिंग और डेमोंस्ट्रेशन सेंटर, DRDO का एक अनोखा CBRN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा, जिसमें कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी।
डीआरडीओ का ये सेंटर क्यों है खास
इस सेंटर में एक खास रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर टेस्ट-बेड सुविधा और हेवी-आयन रिसर्च सुविधाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स और रियल-टाइम फील्ड रिस्पॉन्स यूनिट्स भी हैं।
रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर टेस्ट-बेड सुविधा एक खास, नियंत्रित माहौल होता है।
इसे न्यूक्लियर एनर्जी, रेडिएशन का पता लगाने और खतरनाक पदार्थों के मैनेजमेंट से जुड़ी टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने, उनकी पुष्टि करने और उन्हें प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
ऐसी सुविधाएं न्यूक्लियर साइंस, मटीरियल टेस्टिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स ट्रेनिंग में R&D के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराती हैं।
ये सुविधा, गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए जरूरी सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक ट्रेनिंग के बीच के अंतर को पाटती है।
यह सेंटर, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) के तहत बनने वाले CBRN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का एक हिस्सा है।
इसलिए खास है ये सेंट्रर, दी जाएगी प्रभावी ट्रेनिंग
यह सेंटर, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, NDMA और CBRN इमरजेंसी की तैयारी और संकट से निपटने के काम में शामिल अन्य विभिन्न एजेंसियों के रिस्पॉन्डर्स को प्रभावी ट्रेनिंग देने के लिए समर्पित है। ट्रेनिंग और वर्कशॉप के जरिए, INMAS विशेषज्ञों की अगली पीढ़ी को तैयार करेगा, ताकि वे इस काम को फ्रंटलाइन तक आगे बढ़ा सकें और नई तकनीकों और टेक्नोलॉजी को अपनाकर इस क्षेत्र को और समृद्ध बना सकें।
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