इंदौर वासियों के मन को छू गया गेड़ी नृत्य का प्रदर्शन

बिलासपुर

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संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 25 वा मालवा महोत्सव जो की इंदौर जिला में संपन्न हुआ इसमें बिलासपुर छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय संस्था गेड़ी लोक नृत्य दल को प्रदर्शन हेतु आमंत्रण प्राप्त हुआ था गेड़ी लोक नृत्य दल अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदर्शन दिनांक 6 एवं 7 तथा 8 मई को इंदौर के विराट मंच में प्रदर्शित किया गया 

गेड़ी लोक नृत्य का प्रदर्शन पारंपरिक वेशभूषा तथा पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं पारंपरिक गीत शैली के आधार पर प्रदर्शित किया गया जिसकी सराहना इंदौर वासियों ने खुले मन से किये ! अनिल गढ़ेवाल के द्वारा गाया हुआ गीत काट ले हरिहर बाँसे जो भला गीत में इंदौर वासी झूम उठे वहीं बिना ताल टूटे एक ही जगह पर घूम-घूम कर मोहन डोंगरे ने मांदल वादन किया तो पूरा दशहरा मैदान तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा !

मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे ने पारंपरिक मांदल वादन कर दर्शकों को चकित कर दिया वहीं महेश नवरंग के बांसुरी के स्वर लहरियों में इंदौर वासी झूम उठे तथा सौखी लाल सूर्यवंशी के द्वारा गीत एवं नृत्य को हारमोनियम में  स्वर दिया गया सह वादक के रूप में रामनाथ उत्तम ने अपनी भूमिका निभाई !

दर्शन गण आश्चर्यचकित तब हुवे जब मुख्य गेड़ी नर्तक चेतन कुर्रे तथा लक्ष्मी नारायण माण्डले के गेड़ी में खड़े रहने के बावजूद शुभम भार्गव ने उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराया तो दशहरा मैदान तालियो की गड़गड़ाहट से गूंज उठा वही फूलचंद ओगरे ने एक गेड़ी उठाकर डांस किया तो दर्शनगण आश्चर्य चकित हो गए सह गेड़ी नर्तक के रूप में मनोज माण्डले ,खेलन दास ओगरे ,अजय चेलकर, योगेश ओगरे ,संजय ओगरे ने अपनी भूमिका निभाई ! गेदी नृत्य प्रदर्शन के उपरांत केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी एवं मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने अनिल गढ़ेवाल का मंच पर सम्मानित किये!कौड़ियों एवं चीनी मिट्टी की माला पटसन वस्त्र ,मयूर पंख धारण करके सभी कलाकारों ने अद्भुत गेड़ी नृत्य का प्रदर्शन किया गेड़ी लोक नृत्य का नृत्य संचालन एवं गीत संयोजन अनिल कुमार गढ़ेवाल  के द्वारा तैयार किया गया है !

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