33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा नई व्यवस्था के साथ आयोजित, नेगेटिव मार्किंग का नया नियम

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पटना

 तीन जून को आयोजित 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पांचवें विकल्प की व्यवस्था लागू होगी। बीपीएससी की यह पहली परीक्षा होगी, जो परिवर्तित उत्तर प्रणाली के साथ आयोजित होगी। साथ ही इस परीक्षा के लिए क्षतिपूरक (अतिरिक्त) समय देने का निर्णय लिया है।

33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम पाली (सामान्य अध्ययन) के लिए 10 मिनट अतिरिक्त देते हुए नया समय 10:00 से 11:40 बजे निर्धारित किया गया है। द्वितीय पाली (विधि विषय) के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाकर इसे 02:00 से 04:15 बजे तक कर दिया गया है।

उत्तर नहीं देने पर विकल्प ई का चयन करें
नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में चार के बजाय पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) दिए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव विकल्प ई को लेकर है, जिसका अर्थ प्रयास नहीं किया गया होगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ई का चयन करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी विकल्प (ए से ई तक) को खाली छोड़ देता है, तो उस स्थिति में एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।

आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त समय केवल इसी परीक्षा के लिए मान्य है। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए आधार न माना जाए।

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