बिहार के 479 कॉलेजों में AI शिक्षा से तैयार होंगे नौकरी योग्य छात्र

राज्य

पटना
राज्यपाल सचिवालय ने स्नातक संकाय के छात्रों के लिए एआई की पढ़ाई, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। यह व्यवस्था नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत सभी 268 अंगीभूत कॉलेजों के अलावा नवसृजित 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में की गई है।

नए कॉलेजों में अगले सत्र से यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राज्यपाल सचिवालय द्वारा स्नातक संकाय में एआई की पढ़ाई, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण की शुरुआत कराने को लेकर एक कामन प्रोग्राम तैयार कराया जा रहा है।

इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि अब छात्रों को सिर्फ डिग्री लेने तक सीमित नहीं रखा जाएगा क्योंकि केवल डिग्री से नौकरी मिलना आसान नहीं होगा, इसलिए स्नातक में एआई शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण से उच्च शिक्षा को पूरी तरह बदलने की तैयारी है।

नई योजना के तहत सभी विश्वविद्यालयों के अधीन संचालित 268 अंगीभूत महाविद्यालयों में छात्रों को सीधे इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी और एआई कंपनियों में काम कर चुके एक्सपर्ट भी क्लासरूम में पढ़ाते नजर आ सकते हैं।

दरअसल, केंद्र और राज्य सरकार का भी फोकस ऐसी पढ़ाई तैयार करने पर है जिससे छात्र कॉलेज से निकलते ही नौकरी और नई टेक्नोलॉजी के लिए तैयार हों।

योजना के मुताबिक स्नातक संकाय में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई कराने के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार किया जाएगा। इससे मिलने वाले अनुभव से वे पेशेवर बन सकेंगे

इसके लिए राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से सभी डिग्री महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) चलेगा।

कॉलेजों में एआई से बदलेगी पढाई की व्यवस्था
अंगीभूत महाविद्यालयों की पढ़ाई को अब पूरी तरह नए तरीके से तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। इस मामले में सरकार चाहती है कि एआई की शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि छात्र-छात्राओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग भी मिले।

इसी दिशा में कई बड़े सुझाव सामने आए हैं जिनमें कॉलेजों में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को पढ़ाने से लेकर आधुनिक एआई लैब और नया कोर्स सिस्टम तैयार करने तक की बातें शामिल हैं।

कॉलेजों में पढ़ाएंगे इंडस्ट्री एक्सपर्ट
सबसे बड़ा सुझाव यह आया है कि अनुभवी इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में जोड़ा जाए। इसका मतलब यह है कि अब केवल पारंपरिक शिक्षक ही नहीं, बल्कि एआई इंडस्ट्री में काम कर चुके अनुभवी लोग भी छात्रों को पढ़ाएंगे।

इससे छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि असली इंडस्ट्री का अनुभव भी मिलेगा। सरकार इस माडल को बड़े बिजनेस स्कूलों की तर्ज पर विकसित करना चाहती है जहां इंडस्ट्री से जुड़े लोग सीधे छात्रों को ट्रेनिंग देते हैं।

इसी वजह से नया कोर्स कंटेंट तैयार करने, एक समान परीक्षा व्यवस्था लागू करने और आधुनिक एआई लैब विकसित करने पर मंथन चल रहा है।

इन विश्वविद्यालयों में लागू होंगे एआई पाठ्यक्रम
पटना विश्वविद्यालय, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय।

 

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