कोडरमा
डोमचांच प्रखंड के प्रगतिशील किसान सुमन लाल मेहता ने खेती में अनूठा उदाहरण पेश करते हुए थ्री-लेयर (मल्टीलेयर) खेती की शुरुआत की है।
पथरीली मिट्टी, कम पानी वाले इस क्षेत्र में उन्होंने अपनी दो एकड़ से अधिक खेती योग्य भूमि में से करीब एक चौथाई हिस्से में इस पद्धति को अपनाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
थ्री-लेयर खेती के तहत जमीन के नीचे हल्दी, अदरक और गाजर जैसी फसलें लगाई गई हैं। वहीं, जमीन की ऊपरी सतह पर धनिया, साग समेत अन्य पत्तेदार सब्जियां उगाई जा रही हैं
इसके अलावा खेत में बनाए गए बांस और घास-फूस के मचान पर करेला, कुंद्री, लौकी, नेनुआ और जंगली खक्सा जैसी लत्तरदार सब्जियों की खेती की जा रही है।
इस पद्धति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि एक ही भूखंड पर एक साथ तीन अलग-अलग स्तरों पर विभिन्न फसलों का उत्पादन संभव हो रहा है।
सामान्यतः इन फसलों के लिए अलग-अलग भूमि और खेती की अलग पद्धति अपनानी पड़ती है, लेकिन मल्टीलेयर खेती में एक ही मौसम, एक ही जमीन और एक ही सिंचाई व्यवस्था से विविध फसलों की पैदावार ली जा रही है। खेतों में टपक सिंचाई प्रणाली का उपयोग होने से पानी की भी पर्याप्त बचत हो रही है।
भीषण गर्मी में पौधों को मिल रहा प्राकृतिक संरक्षण
इस खेती की खासियत यह है कि खेत में बनाए गए मचान नीचे उगाई गई फसलों के लिए प्राकृतिक तापमान नियंत्रक का काम करते हैं।
मचान की छाया के कारण मिट्टी की नमी बनी रहती है और तेज धूप का सीधा असर फसलों पर नहीं पड़ता। इससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और झुलसने का खतरा भी कम हो जाता है।
शांति देवी बताती हैं कि यह प्रयोग काफी कारगर साबित हो रहा है। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों को अच्छा मुनाफा भी मिलने की उम्मीद है।
मिट्टी के अंदर और सतह पर लगी फसलों तक सूर्य की सीधी किरणें नहीं पहुंचतीं, जिससे पौधों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बना रहता है।
मध्य प्रदेश में सीखी तकनीक, डोमचांच में प्रयोग
प्रगतिशील किसान सुमन मेहता ने बताया कि मल्टीलेयर खेती की शुरुआत मध्य प्रदेश में हुई थी और अब देश के कई राज्यों में किसान इसे अपना रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से उन्हें मध्य प्रदेश जाकर इस तकनीक को नजदीक से सीखने का अवसर मिला था।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने खेत को तैयार किया, मचान बनाए और तीन अलग-अलग स्तरों पर फसलें लगाकर इस प्रयोग की शुरुआत की।
आज उनके खेत में जमीन के अंदर, जमीन की सतह पर और मचान के ऊपर एक साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन हो रहा है, जो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
