पेपर लीक पर केजरीवाल का तीखा वार, कहा- सरकार रोकना नहीं चाहती, खरीद-फरोख्त के लिए चाहिए फंड

राज्य

चंडीगढ़ 

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सवाल खड़े किए हैं।आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा जुबानी हमला किया है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है। 

अरविंद केजरीवाल ने X पर एक पोस्ट शेयर कर केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, "सेना के जहाज़ों से पेपर ट्रांसपोर्ट करना, टेलीग्राम बंद करना… क्या इन कदमों से पेपर लीक बंद होंगे? बिल्कुल नहीं। ये बेहद बेतुके कदम हैं।" केजरीवाल का इशारा साफ था कि सरकार बुनियादी समस्याओं को हल करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है।

 एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक यह सुनिश्चित करने के लिए लगायी गयी है कि 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के हो। अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रश्न पत्र लीक रोकने की नीयत ही नहीं है इसलिए इस तरह के बेतुके कदम उठाये जा रहे हैं। प्रश्नपत्रों को सेना के विमानों से ले जाना और टेलीग्राम बंद करना- क्या इन कदमों से प्रश्न पत्र लीक होने बंद होंगे? बिल्कुल नहीं।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नपत्र लीक का धंधा अरबों रुपए का है। इसका पैसा शीर्ष तक जाता है। प्रश्न पत्र लीक होना बंद हो गया तो विधायक/सांसद खरीदने के पैसे कहां से आयेंगे?’’ सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को गूगल और एप्पल के ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट-यूजी परीक्षा तीन मई को हुई थी, लेकिन अनियमितताओं के आरोपों के बीच 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया।

अरबों का धंधा है पेपर लीक, पैसा 'टॉप' तक जाता है
केजरीवाल ने पेपर लीक के पीछे एक बड़े संगठित सिंडिकेट और राजनीतिक सांठगांठ का दावा किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का धंधा कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि अरबों रुपये का काला कारोबार है। उन्होंने आरोप लगाया, "यह अरबों का धंधा है और इसका पैसा नीचे से लेकर बिल्कुल टॉप (शीर्ष) तक जाता है।"

विधायक-सांसद खरीदने के पैसे कहां से आएंगे?
मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बेहद गंभीर और विवादित सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने पेपर लीक का यह धंधा बंद कर दिया, तो फिर विधायकों (MLA) और सांसदों (MP) को खरीदने के लिए पैसे कहां से आएंगे?”

 

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