नई दिल्ली
पहले नीरज चोपड़ा, फिर सचिन यादव और अब रोहित यादव के रूप में भारत का एक और स्टार भाला फेंक एथलीट विश्व पटल पर छा गया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक छोटे से गांव अदारिया डभिया के रोहित 87.05 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर अब दुनिया के इस सत्र के दूसरे सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर बन गए हैं।
भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में चल रही 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन 25 वर्षीय रोहित ने स्वर्ण पदक के साथ यह उपलबधि भी हासिल की और इस सत्र में शीर्ष पर चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (92.62 मीटर) के बाद सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। इसी के साथ उन्होंने जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
हाल ही में दोहा डायमंड लीग में दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चौथे स्थान (85.69 मीटर) पर रहने और वहां श्रीलंका के पथिराज के छा जाने बाद भाला फेंक में इस साल कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारत के पदक और खासकर स्वर्ण पदक की आस कुछ कम हो चली थी, लेकिन इस बीच रोहित यादव अब इस प्राचीन खेल में भारत की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। अब इस प्रदर्शन के दम पर रोहित भी नीरज के साथ भाला फेंक में इस साल के इन दो बड़े खेलों में भारत के लिए पदक जीतने को दम लगाएंगे।
रोहित यादव का पिछला सर्वश्रेष्ठ थ्रो 83.76 मीटर था। यह उन्होंने इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के लुधियाना लेग में दर्ज किया गया था। हालांकि अब 87.05 मीटर का उनका थ्रो 2022 में मनु डीपी द्वारा बनाए गए प्रतियोगिता के 84.35 मीटर के रिकॉर्ड से भी कहीं बेहतर रहा। प्रतियोगिता में यशवीर सिंह (83.72 मीटर) और सचिन यादव (82.32 मीटर) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन दोनों ने भी एशियन गेम्स के लिए 77.87 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क पार किया।
कामनवेल्थ गेम्स में देखने को मिलेगी कड़ी टक्कर
चोट के बाद वापसी करने वाले नीरज को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। वह दोहा के इस सत्र के अपने पहले प्रदर्शन के दम पर इस सत्र के बेस्ट थ्रोअर की सूची में सर्वश्रेष्ठ चार में बने हुए हैं। ऐसे में कौन जाने की अगले माह ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद एशियन गेम्स में श्रीलंका के पथिराज के अलावा हमवतन नीरज और रोहित के बीच ही कड़ी टक्कर देखने को मिल जाए। इससे पहले नीरज को एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने फ्लाप शो के दौरान अन्य एथलीटों सहित हमवतन सचिन यादव से भी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
रोहित यादव ने कहा, इस प्रदर्शन से कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। भविष्य में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए मुझे शुरुआती थ्रो में ही 85 या 86 मीटर की दूरी पार करने की आदत डालनी चाहिए।
भाला फेंक में इस सत्र के पांच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एथलीट, देश, थ्रो, स्थान
रुमेश पाथिराज, श्रीलंका, 92.62 मी., रोम डायमंड लीग
रोहित यादव, भारत, 87.05 मी., भुवनेश्वर राष्ट्रीय एथलेटिक्स
एंडर्सन पीटर्स, ग्रेनेडा, 86.50 मी., दोहा डायमंड लीग
नीरज चोपड़ा, भारत, 85.69 मी., दोहा डायमंड लीग
जैकब वाडलेज, चेक गणराज्य, 85.00 मी., दोहा डायमंड लीग
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

