रांची
शहर के ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिली है। कथित रूप से ई-रिक्शों को दूर से नियंत्रित कर बंद करने वाले बीएटी-बीएमएस मोबाइल एप के बंद होने के बाद अब चालकों ने राहत की सांस ली है।
पिछले कुछ दिनों से शहर में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहे हैं, जिससे यात्रियों और चालकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं रांची के कई ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि किसी का वाहन तीन बार तो किसी का छह से सात बार तक अचानक बंद हो गया।
सड़क पर चलते वाहन के अचानक रुक जाने से न केवल आय प्रभावित हो रही थी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। कई बार व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा रुकने से जाम और अफरा-तफरी की स्थिति भी बन रही थी।
चालकों ने खुद निकाला समाधान
चालकों के अनुसार जब उन्हें इस एप के बारे में जानकारी मिली, तो कई लोगों ने स्वयं एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद वाहन बंद होने पर वे उसी माध्यम से ई-रिक्शा को दोबारा चालू करने लगे।
राजधानी के ज्याचालकों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस तकनीक का दुरुपयोग कर रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
सरकार की कार्रवाई से मिली राहत
मामला तेजी से फैलने के बाद भारत सरकार ने संबंधित एप पर कार्रवाई की। एप के बंद होने के बाद अब ऐसी शिकायतें लगभग समाप्त हो गई हैं। ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इससे काफी राहत मिली है और वे पहले की तरह सामान्य रूप से अपना काम कर पा रहे हैं।
चालकों ने बताया कि यह एप मुख्य रूप से लिथियम बैटरी से संचालित ई-रिक्शों पर असर डालता था। हालांकि वर्तमान में समस्या खत्म हो गई है, लेकिन चालकों को आशंका है कि यदि भविष्य में इसी तरह का कोई दूसरा एप सामने आया तो परेशानी फिर बढ़ सकती है।
रांची में करीब 20 हजार से अधिक ई-रिक्शा विभिन्न मार्गों पर संचालित होते हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह समस्या बड़े स्तर पर परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती थी।
बढ़ गई थी परेशानी
बीएटी-बीएमएस एप की वजह से मेरी ई-रिक्शा तीन बार चलते-चलते बंद हो गई थी। यात्री भी घबरा जाते थे। एप बंद होने के बाद अब राहत मिली है। सरकार ने समय रहते कार्रवाई की, नहीं तो चालकों की परेशानी और बढ़ जाती।
-दीपक कुमार, ई-रिक्शा चालक
मेरी गाड़ी छह-सात बार अचानक रुक गई थी। पहले समझ नहीं आया कि दिक्कत क्या है। बाद में एप के बारे में जानकारी मिली और खुद डाउनलोड कर गाड़ी चालू करनी पड़ी। अब एप बंद होने से निश्चिंत होकर काम कर रहे हैं।
-रणवीर कुमार, ई-रिक्शा चालक
चलते वाहन का अचानक बंद हो जाना बहुत खतरनाक था। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी। एप बंद होने के बाद स्थिति सामान्य हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी किसी तकनीक का दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त व्यवस्था होगी।
-विकास सिंह, ई-रिक्शा चालक
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