कचरे के ढेर से हरियाली तक! चंडीगढ़ में डंपिंग ग्राउंड को ‘ऑक्सीजन हब’ बनाने की शुरुआत

राज्य

चंडीगढ़.

चंडीगढ़ पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को डड्डूमाजरा में वन महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के पुनर्विकास और हरित रूपांतरण की दिशा में चल रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि  दो वर्षों में यह स्थान शहर का एक बड़ा ऑक्सीजन हब बनकर उभरेगा।

उन्होंने बताया कि यहां बड़े पैमाने पर रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे, बांस, गुलाब, मोगरा, रातरानी और विभिन्न फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे, ताकि यह क्षेत्र न केवल हरियाली से भरपूर हो, बल्कि लोगों के लिए घूमने-फिरने, सैर-सपाटे और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र भी बन सके। कटारिया ने कहा कि जिस स्थान को कभी कचरे के ढेर के रूप में देखा जाता था, उसे अब प्रकृति, स्वच्छता और सुंदरता के प्रतीक के रूप में विकसित किया जा रहा है। कटारिया ने कहा कि धरती मां का वास्तविक श्रृंगार पेड़-पौधे हैं और उनकी रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण कम करने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण देने के लिए पौधारोपण बेहद जरूरी है। उन्होंने चंडीगढ़ में हरित क्षेत्र के लगातार बढ़ने पर संतोष जताते हुए बताया कि वर्ष 2013 में शहर का ग्रीन कवर 38 प्रतिशत था, जो 2022 में बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया और अब 2026 में 51.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि तभी सार्थक होगी जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पौधारोपण के नाम पर केवल आंकड़े बढ़ाने की बजाय उतने ही पौधे लगाए जाएं, जितनों का सही ढंग से पालन-पोषण किया जा सके।

प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे परिवार के सदस्य की तरह संजोकर रखें। प्रशासक ने पौधारोपण की सही तकनीक अपनाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके जीवित रहने के लिए शुरुआती दिनों में नियमित देखभाल, पानी, सुरक्षा और समय-समय पर निगरानी बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और संस्थानों में भी पौधे लगाने की अपील की, ताकि हर स्तर पर हरियाली को बढ़ावा मिल सके।
कटारिया ने कहा कि डड्डूमाजरा क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां मॉर्निंग वॉक ट्रैक, घनी हरियाली, सुगंधित पौधे और प्राकृतिक वातावरण लोगों को आकर्षित करें तथा यह स्थान चंडीगढ़वासियों के लिए एक नई और अनूठी सौगात साबित हो। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करें तो चंडीगढ़ को देश के सबसे हरित और स्वच्छ शहरों में और मजबूत स्थान दिलाया जा सकता है। इस मौके पर महापौर, नगर निगम के अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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