जयपुर
जयपुर मेट्रो के सेकंड फेज-2 के शिलान्यास के बाद फेज-3 को लेकर तैयारी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण का शिलान्यास किया था। इसके बाद अब राज्य सरकार ने राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के अगले बड़े विस्तार पर काम शुरू कर दिया है। मेट्रो प्रशासन ने तीसरे चरण और भविष्य के विस्तार के लिए नए रूटों की संभावनाएं तलाशने की कवायद तेज हो गई है ।
डीपीआर को लेकर तैयारी
मिली जानकारी के अनुसार मेट्रो प्रशासन ने इसके लिए एक एजेंसी को भी हायर किया गया है, जो प्रस्तावित नए कॉरिडोर की फिजिबिलिटी चैक करेगा। नए रूट के स्टडी कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
जानिए क्या रह सकता है रूट
मेट्रो प्रशासन का मुख्य फोकस आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की योजना बनाई जाएगी। शुरुआती योजना में वैशाली नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर और रामगढ़ मोड़ जैसे तेजी से विकसित क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने पर जोर है। इसके साथ ही शहर से सटे (जयपुर ग्रामीण इलाके) उपनगरीय क्षेत्र जैसे चाकसू, बस्सी, चोमू, बगरू चंदवाजी तक मेट्रो लाइट (लाइट रेल) चलाने की संभावना भी तलाशी जा रही है, ताकि रोजाना जयपुर आने वाले लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिल सके।
एयरपोर्ट कॉरिडोर और रामगढ़ मोड़ तक विस्तार की योजना
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, नए प्रस्तावों में जगतपुरा को प्रहलादपुरा मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की योजना है, जबकि मालवीय नगर को बी-2 बाईपास और एयरपोर्ट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। वहीं, फेज-1सी के तहत बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए रामगढ़ मोड़ और दिल्ली बाईपास तक ले जाने की तैयारी है। इसके लिए बड़ी चौपड़ से रामगढ़ मोड़ तक अंडरग्राउंड और गलता गेट से रामगढ़ मोड़ तक एलिवेटेड मेट्रो चलाने पर विचार किया जा रहा है।
इन इलाकों को कनेक्ट करने की योजना
बताया जा रहा है कि मेट्रो फेज -3 के आधार पर जयपुर के उन सूदूर इलाकों को जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है, जिससे ग्रामीण स्तर के लोगों को भी बड़ा मिल सके। इस विस्तार योजना में इन इलाकों को लेकर मंथन चल रहा है।
बस्सी को ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ना
चाकसू को सीतापुरा से जोड़ना
चोमूं को डोटी से जोड़ना
फागी को सांगानेर से जोड़ना
बगरू को 200 फीट चौराहे से जोड़ना
यहां जानिए क्या है मेट्रो लाइट?
मेट्रो लाइट कम यात्री क्षमता वाले शहरों या बड़े शहरों के फीडर कॉरिडोर के लिए विकसित किया गया एक 'लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम' है। इसके लिए सड़क पर ही एक अलग डेडिकेटेड ट्रैक बनाया जाता है। इसके स्टेशन, टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म भी ग्राउंड लेवल पर ही होते हैं, जिससे निर्माण लागत काफी कम आती है। मेट्रो लाइट की एक ट्रेन में लगभग 400 यात्री आसानी से सफर कर सकते हैं।
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