चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने राज्य के 38 चिकित्सा अधिकारियों को पदोन्नत कर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) नियुक्त किया है। इस फैसले के साथ ही हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की लंबे समय से लंबित प्रमुख मांग पूरी हो गई है।
पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद सरकारी डॉक्टरों में उत्साह का माहौल है और एसोसिएशन ने इसे वर्षों से चल रहे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
चिकित्सा अधिकारियों की पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी। इससे न केवल डॉक्टरों में असंतोष बढ़ रहा था, बल्कि वरिष्ठ स्तर के पद रिक्त रहने के कारण सरकारी अस्पतालों के प्रशासनिक संचालन और कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ रहा था।
इसी मुद्दे को लेकर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन लगातार सरकार के समक्ष अपनी मांग उठाती रही। कई बार ज्ञापन दिए गए, धरना-प्रदर्शन हुए और विभिन्न चरणों में आंदोलन भी चलाए गए। एसोसिएशन का कहना था कि समय पर पदोन्नति न मिलने से डॉक्टरों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और कैरियर प्रगति भी बाधित हो रही है।
हाल ही में एसोसिएशन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से मुलाकात कर पदोन्नति में आ रही बाधाओं का विस्तृत ब्योरा उनके समक्ष रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की मांग को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को फाइल पर तत्काल कार्रवाई करने और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके बाद विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 38 चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए।
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