दुर्ग.
तय तिथि से 4 साल विलंब से बने यूनिवर्सिटी भवन के लोकार्पण के लिए पिछले 2 साल से इंतजार हो रहा है। निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा 30 सितंबर 2024 को भवन निर्माण पूर्ण किया गया। उसके बाद 9 जनवरी 2025 को लोक निर्माण विभाग द्वारा विश्वविद्यालय प्रबंधन को भवन सुपुर्दगी के लिए पत्र भेजा गया । सुपुर्दगी पत्र के डेढ़ साल बाद भी यह यूनिवर्सिटी अब तक अस्तित्व में नहीं आया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की माने तो उन्हें पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी का इंतजार है। एनओसी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा उसे भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन द्वारा नए भवन में हेमचंद यादव की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी में भी जुटा हुआ है। यह प्रतिमा 17 जुलाई के पहले भवन में स्थापित करने की बात कही जा रही है। बड़े लंबे इंतजार के बाद हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक भवन का निर्माण पूरा किया गया है। पोटिया रोड पर भवन निर्माण के लिए 9.5 एकड़ जमीन पर इसे बनाया गया है। यह भवन निर्धारित तिथि से 4 साल विलंब में बना है। कई बार ड्राइंग डिजाइन में परिवर्तन किया गया, तो कभी तकनीकी समस्या आड़े आई।
हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के भवन निर्माण की डेडलाइन गुजर जाने के 6 साल बाद अस्तित्व में आया है। निर्माण के अंतिम दौर में तीन लिफ्ट लगाई गई है। यह बता दें कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय को अस्तित्व में आए 11 साल हो चुके हैं। इस 11 साल की अवधि में विश्वविद्यालय का अपना कोई भवन नहीं है। इसके अलावा कई अन्य सुविधाएं भी भी मुहैया नहीं कराई गई है। हालांकि वर्तमान में संचालित प्रशासनिक भवन को हाउसिंग बोर्ड से लीज में लिया गया है। इस वजह से यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक कामकाज बेहतर ढंग से संचालित हो पा रहा है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय तिवारी का कहना है कि उन्हें यूनिवर्सिटी भवन के पूर्णता की एनओसी का इंतजार है। लोक निर्माण विभाग द्वारा एनओसी मिलते ही उसे उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन के लोकार्पण की भी तैयारी चल रही है।
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