रांची
राजस्व उगाही में झारखंड इस वर्ष पिछले कई वर्षों की तुलना में बहुत ही पीछे रह गया है। हालात ऐसे ही रहें तो सरकार की योजनाओं पर भी इसका असर दिख सकता है। राज्य में जीएसटी कलेक्शन पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत कम है और आंकड़ों के लिहाज से देखें तो पहली तिमाही के बाद लगभग एक हजार करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए हैं।
जून 2025 तक जहां सरकार के खाते में 3,841 करोड़ रुपये आ चुके थे। वहीं, इस वर्ष जून तक यह राशि 2889 करोड़ रुपये है जो कि पिछले बार की तुलना में 952 करोड़ रुपये कम हैं। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नई दिल्ली में जीएसटी को लेकर राज्यों की बैठक के बाद ही इस बात की आशंका व्यक्त की थी कि राज्य का राजस्व कम हो सकता है।
कोयला पर जीएसटी की दरों में बदलाव के बाद से ही कोल आधारित राज्यों को नुकसान का अनुमान लगाया जाने लगा था। यह अब धरातल पर दिख भी रहा है। वाणिज्य कर सचिव अमीत कुमार ने इस संदर्भ में बताया कि जबतक जीएसटी सेटलमेंट का आंकड़ा बढ़ता रहेगा तबतक राजस्व का यही हाल होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान झारखंड का कुल कर राजस्व (विशेषकर राज्य जीएसटी और वैट) पिछले संशोधित अनुमानों से लगभग नौ प्रतिशत तक कम हुआ है
इसके अतिरिक्त, चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में राज्य का खर्च केवल 17 प्रतशित तक ही सीमित रहा है और राज्य के विभिन्न विभागों में पिछले 10 वर्षों से फंसे 18 हजार करोड़ से अधिक की राशि राजकोष में वापस लौटाने का निर्देश दिया जा चुका है। जीएसटी और वैट में गिरावट देखा गया है।
जून माह तक जीएसटी कलेक्शन की तुलनात्मक स्थिति
मद जून 2025 जून 2026 कमी/वृद्धि (%)
जीएसटी से प्राप्त राजस्व
जीएसटी कलेक्शन 2611.42 2383.31 -8.74%
आइजीएसटी 1230.09 506.61 -58.82%
कुल 3841.51 2889.92 -46.79%
गैर जीएसटी मदों से प्राप्त राजस्व
वैट कलेक्शन 1448.98 1515.46 +4.59%
प्रोफेशनल टैक्स 15.49 15.74 +3.61%
अन्य टैक्स 338.74 164.05 -51.82%
कुल 1803.21 1695.25 -5.99%
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

