योगी सरकार में बिजली व्यवस्था को मिली नई पहचान, रिकॉर्ड सप्लाई के मामले में यूपी बना अग्रणी राज्य

उत्तर प्रदेश राज्य

रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति से चमका उत्तर प्रदेश, कई अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़ा

योगी सरकार में बिजली व्यवस्था बनी मिसाल, पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में उत्तर प्रदेश लगातार नंबर-1

ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 18 घंटे से अधिक मिल रही बिजली

आंधी-बारिश के बीच भी तेजी से बहाल हो रही विद्युत व्यवस्था

लखनऊ 
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था ने लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रदेश में निर्बाध और बिना कटौती बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रभावी प्रबंधन, मजबूत विद्युत ढांचे और सतत निगरानी के कारण उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे अग्रणी राज्य रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश से काफी पीछे हैं।

14 जुलाई को उत्तर प्रदेश में 30457 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह 13 जुलाई को 29827 मेगावाट, 12 जुलाई को 30598 मेगावाट, 11 जुलाई को 29,041 मेगावाट और 10 जुलाई को 26,571 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई जो उस अवधि में देश में सर्वाधिक रही। यह उपलब्धि योगी सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति, बेहतर प्रबंधन और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली दी जा रही

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और मानसून के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन योगी सरकार ने उपभोक्ताओं को इसका असर महसूस नहीं होने दिया। योगी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। निर्धारित 18 घंटे के शेड्यूल से अधिक समय तक गांवों में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं शहरों, तहसील मुख्यालयों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बिजली व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने के लिए यूपीपीसीएल की टीमें प्रदेशभर में 24 घंटे निगरानी कर रहीं हैं। 

विभागीय टीमें दिन-रात मेंटिनेंस कार्य में जुटी

प्रत्येक जिले में अधिकारी नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण कर रहे हैं और जहां कहीं भी तेज आंधी व बारिश के कारण स्थानीय तकनीकी खराबी सामने आईं, वहां कम से कम समय में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय टीमें दिन-रात मेंटिनेंस कार्यों में जुटी हुईं हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर अनुरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। बिजली लाइनों से सटकर बढ़ी पेड़ों की डालियों की नियमित छंटाई कराई जा रही है, जिससे तेज हवा या बारिश के दौरान तारों पर पेड़ गिरने की घटनाओं को रोका जा सके।

ट्रांसफॉर्मरों, खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाएं लोगःयूपीपीसीएल

बरसात के मौसम में नागरिकों से अपील की गई है कि वे टूटे हुए बिजली के तारों, ट्रांसफॉर्मरों, खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार की विद्युत संबंधी दुर्घटना या खतरे की सूचना तत्काल 1912 हेल्पलाइन अथवा निकटतम बिजली कार्यालय को देने की सलाह दी गई है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उप्र. पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि विद्युत आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो, इसके लिए हर स्तर पर सजगता के निर्देश दिए गए हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry