दिल्ली में फर्जी दस्तावेजों से GST घोटाला, सरकारी खजाने को लगा 5.50 करोड़ का चूना

राज्य

नई दिल्ली
 दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली में सामने आए 5.50 करोड़ के GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश करते हुए ट्रेड एंड टैक्सेज विभाग के 3 अधिकारियों समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रिफंड मंजूर किए गए। मामले में पहली बार अपराध से अर्जित संपत्ति को अदालत के आदेश से अटैच किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत सिंह, अटल भारद्वाज, हिमांशु मलिक, अजय कुमार और आशीष मिश्रा के रूप में हुई है।

    ACB के मुताबिक, यह मामला ट्रेड एंड टैक्सेज विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
    जांच शुरू हुई तो पता चला कि अनिवार्य सत्यापन और वित्तीय जांच को दरकिनार कर करोड़ों रुपये के रिफंड जारी कर दिए गए।
    फर्जी दस्तावेजों और नकली तस्वीरों का इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को करीब 5.50 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
    जांच में आरोप है कि तत्कालीन GST अधिकारी अजीत सिंह ने बिना अनिवार्य जांच किए रिफंड मंजूर कर दिए, जबकि GST इंस्पेक्टर अटल भारद्वाज ने कारोबारी प्रतिष्ठानों का मौके पर निरीक्षण किए बिना झूठी रिपोर्ट तैयार की।
    इस पूरे खेल में लोअर डिवीजन क्लर्क हिमांशु मलिक की भी भूमिका सामने आई। वहीं अजय कुमार और आशीष मिश्रा पर घोटाले की रकम को छिपाने का आरोप है।

बढ़ रहे हैं GST धोखाधड़ी के मामले
एक्सपर्ट्स के अनुसार, देश में GST लागू होने के बाद फर्जी बिल, फर्जी कंपनियां बनाकर टैक्स क्रेडिट लेने और गलत तरीके से GST रिफंड हासिल करने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए GST विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच एजेंसियां और राज्यों की एंटी करप्शन शाखाएं समय-समय पर कार्रवाई करती रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और बैंक लेनदेन की जांच से अब ऐसे फर्जी नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

 

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