आठ दिन में समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे किसान, कलेक्टर दिया चेतावनी भरा आवेदन

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आठ दिन में समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे किसान, कलेक्टर दिया चेतावनी भरा आवेदन

गोहिंदा चक के किसानों ने न्यायालय के आदेश के पालन की मांग उठाई, पटवारी व राजस्व अमले पर लापरवाही के लगाए आरोप

भितरवार
तहसील भितरवार के ग्राम गोहिंदा चक के किसानों ने अपनी भूमि संबंधी लंबे समय से लंबित समस्या के समाधान की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के नाम एक आवेदन ग्वालियर ग्रामीण एडीएम सीवी प्रसाद को सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि आठ दिनों के भीतर उनकी समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो समस्त किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने आमरण अनशन एवं धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। किसानों ने कहा कि इस दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

गतरोज मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम गोहिंदा सरपंच प्रतिनिधि सोनू दुवे के नेतृत्व में किसानों के द्वारा ग्वालियर ग्रामीण एडीएम सीवी प्रसाद को दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 04/2023-24 के अंतर्गत पारित आदेश दिनांक 23 फरवरी 2023 का आज तक राजस्व अमले द्वारा पालन नहीं कराया गया है। किसानों का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद हल्का पटवारी द्वारा आदेश पर अमल नहीं किया जा रहा, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदन में किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पटवारी से मौखिक रूप से संपर्क किया तथा तहसीलदार को भी लिखित आवेदन देकर न्यायालय के आदेश का पालन कराने और विवाद का निराकरण कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि राजस्व अधिकारियों की उदासीनता के कारण उनकी समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जब पटवारी से आदेश के पालन को लेकर चर्चा की जाती है तो उनके द्वारा विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर कार्रवाई टाल दी जाती है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गोहिंदा चक के किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन कराया जाए, भूमि संबंधी विवाद का शीघ्र समाधान किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि यदि निर्धारित आठ दिन की अवधि में प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। किसानों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी भूमि से संबंधित इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करेगा, ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े। इस मौके पर ग्राम सरपंच प्रतिनिधि सोनू दुबे के अलावा समस्या से पीड़ित कृषक श्यामलाल, पर्वत सिंह, लाखन सिंह, माखन सिंह, उदय सिंह, खेमराज, महाराज सिंह भगवान सिंह सहित दो दर्जन किसान मौजूद थे।

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