लखनऊ
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अपनी भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए हाईटेक इंतजाम करने जा रहा है। अब आयोग की परीक्षाओं में प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे, ताकि मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए किसी भी प्रकार की नकल या बाहरी संपर्क की संभावना पूरी तरह समाप्त की जा सके। यह जानकारी मंगलवार को आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने दी।
उन्होंने बताया कि अभी परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्कैनर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाती रही है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कक्ष में जैमर लगेगा। आयोग अभ्यर्थियों के सत्यापन को भी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था काफी पहले लागू कर दी गई थी, अब हरियाणा लोक सेवा आयोग की तर्ज पर अभ्यर्थियों के पंजीकरण को आधार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे फर्जी अभ्यर्थियों पर रोक लगाने और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
अभ्यर्थियों को आधार से जोड़ने की चल रही है तैयारी
सचिव ने बताया कि अब विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन डिजिटल माध्यम से होगा, जिससे समय की बचत के साथ मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। ऑनलाइन स्क्रूटनी व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक दक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी तथा अभ्यर्थियों को भी सहूलियत होगी।
पीसीएस मेंस की कॉपियों का होगा ऑनलाइन मूल्यांकन
लोक सेवा आयोग ने पीसीएस मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह ऑनलाइन कराया जाएगा। आयोग का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी परीक्षक को पूरी उत्तरपुस्तिका नहीं दी जाएगी, बल्कि विशेषज्ञों से प्रश्नवार मूल्यांकन करवाया जाएगा। बकौल सचिव यदि कोई विशेषज्ञ किसी विषय के प्रश्न संख्या एक का मूल्यांकन कर रहा है तो मेंस में शामिल उस विषय के सभी परीक्षार्थियों का मूल्यांकन वही करेगा। इससे मूल्यांकन में साम्यता बनी रहेगी। ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली में उत्तरपुस्तिकाओं को डिजिटल स्वरूप में विशेषज्ञों को पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक विशेषज्ञ को संबंधित प्रश्न के साथ उसका संभावित उत्तर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुरूप और एकरूपता के साथ किया जा सके।
सीधी भर्ती में अब 500 अंकों की चयन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपनी सभी सीधी भर्तियों के लिए ‘लोक सेवा आयोग सीधी भर्ती (स्क्रीनिंग) 2025 नियमावली’ लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब चयन प्रक्रिया कुल 500 अंकों की होगी। इसमें 450 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा। इसके अलावा 50 अंकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। अंतिम मेरिट तैयार करते समय लिखित परीक्षा के 450 अंकों को 75 प्रतिशत और साक्षात्कार के 50 अंकों को 25 प्रतिशत भरांक में परिवर्तित किया जाएगा। इसी आधार पर अंतिम चयन सूची जारी होगी। आयोग का मानना है कि नई प्रणाली से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी तथा अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा के साथ व्यक्तित्व का भी समुचित मूल्यांकन सुनिश्चित हो सकेगा।
इसी माह आरओ-एआरओ का विज्ञापन जारी होगा
यूपीपीएससी की बहुप्रतीक्षित आरओ-एआरओ-2026 भर्ती का विज्ञापन अगस्त के अंतिम सप्ताह में जारी होने की संभावना है। इस बार सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) के पदों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसकी प्रमुख वजह हाल ही में लगभग 350 एआरओ का पदोन्नत होकर समीक्षा अधिकारी (आरओ) बनना है, जिससे एआरओ के पद रिक्त हो गए हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों से नए रिक्त पदों का अधियाचन भी आयोग को मिलने की संभावना है। ऐसे में उम्मीद है कि तकरीबन 500 पदों पर नोटिफकेशन जारी होगा।
आयोग में दोगुने कर्मचारियों की जरूरत
यूपीपीएससी में वर्तमान में करीब 250 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि समयबद्ध ढंग से बढ़ते कार्यों के निष्पादन के लिए लगभग दोगुने कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके विपरीत, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में करीब 2500 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे वहां कार्यों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो पाता है।
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