रेलवे के छोटे अपराधों में जेल से राहत, यात्रियों को मौके पर जुर्माना भरकर मिलेगा छुटकारा

राज्य

अंबाला.

रेल यात्रा के दौरान छोटी-सी चूक, अनजाने में हुई लापरवाही या मामूली नियम उल्लंघन पर अब यात्रियों को जेल नहीं जाना पड़ेगा। रेल मंत्रालय ने रेलवे अधिनियम की कई धाराओं में आपराधिक कार्रवाई के स्थान पर आर्थिक जुर्माने का प्रविधान कर दिया है। पहले मामला दर्ज कर आरोपित को अदालत में पेश किया जाता था, लेकिन अब मौके पर जुर्माना वसूल कर रसीद जारी की जाएगी। यानी निर्धारित मामलों में यात्री मौके पर ही जुर्माना भरकर केस निपटा सकेंगे।

रेलवे ने जारी किए दिशा निर्देश
इस संबंध में रेल मंत्रालय ने देशभर में नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी मंडलों में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को नई व्यवस्था से अवगत कराया है। बदलाव से अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा। मौके पर जुर्माना वसूल होने से समय बचेगा व अधिकारी गंभीर अपराधों की रोकथाम पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन व रजिस्टर में दर्ज होगा नए प्रविधान के तहत यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उससे मौके पर ही जुर्माना भरने के लिए कहा जाएगा। जुर्माना भरने पर उसकी रसीद दी जाएगी और पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन व रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यदि कोई जुर्माना देने से इनकार करता है तो उसके विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक कार्रवाई की फोटो और वीडियो रिकार्डिंग, उल्लंघनकर्ता का पूरा विवरण तथा एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार नियम तोड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जब तक संबंधित साफ्टवेयर पूरी तरह अपडेट नहीं हो जाता, तब तक सभी मामलों का रिकॉर्ड मैनुअल रजिस्टर में भी सुरक्षित रखा जाएगा। प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को भेजने के निर्देश दिए हैं।

गंभीर अपराध किया तो जाना पड़ेगा जेल
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल सामान्य और पहली बार होने वाली चूक के लिए है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार रेलवे नियमों का उल्लंघन करता है या गंभीर अपराध करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कारावास (जेल) का प्रविधान भी लागू रहेगा।

किस अपराध पर कितना जुर्माना
आरक्षित डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश पर दो हजार रुपये जुर्माना बिना टिकट या फर्जी टिकट पर यात्रा, अधिकृत दूरी से आगे यात्रा करना तथा ट्रांसफर टिकट पर यात्रा जैसे मामलों में यात्री को किराये के साथ अतिरिक्त शुल्क देना होगा। अधिकांश मामलों में न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया है। इसी तरह भीख मांगना या अनाधिकृत बिक्री करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना, रेलवे परिसर में शराब पीने या नशे की हालत में उपद्रव करने पर एक हजार या सामुदायिक सेवा, रेलवे कर्मी के कार्य में बाधा डालने पर 2500 तक का जुर्माना, रेलवे परिसर में अनाधिकृत प्रवेश पर 500 का जुर्माना, आरक्षित डिब्बे में अनाधिकृत प्रवेश पर दो हजार तथा बिना अधिकार सीट या बर्थ घेरने पर एक हजार का जुर्माना, निर्देशों की अवहेलना करने पर 500 का जुर्माना, महिलाओं के आरक्षित डिब्बे या विशेष स्थान में अनधिकृत प्रवेश पर 2500, धूम्रपान करने तथा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 200 रुपये जुर्माना देना होगा।
रेल मंत्रालय ने रेलवे अधिनियम की कई धाराओं में आपराधिक कार्रवाई के स्थान पर आर्थिक जुर्माने का किया प्रविधान। पहले मामला दर्ज कर आरोपित को अदालत में पेश किया जाता था, अब मौके पर जुर्माना वसूल कर जारी की जाएगी रसीद से 2500 रुपये तक है। नए प्रविधान में जुर्माना राशि, इनकार करने पर रेलवे अधिनियम के तहत नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई।

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