लखनऊ
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़े घोटाले का आरोप लगा है. सामने आया है कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ा ये घोटाला करीब 1000 करोड़ रुपये का है. इस संबंध में शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करने का दावा किया है।
बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वक्फ संपत्तियों और कब्रों की अवैध बिक्री के जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेनदेन किया गया. यहां तक कि कुछ कब्रों को करीब 10 लाख रुपये तक में बेचने का दावा किया गया है।
ढाई हजार हिंदू संपत्तियों को वक्फ में दर्ज करने का आरोप
ये भी आरोप हैं कि कुछ हिंदू संपत्तियों को वक्फ के तौर में दर्ज कर कथित तौर पर करीब 2,500 वक्फ बढ़ाए गए हैं. शिकायत में लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, अलीगढ़ और झांसी में करोड़ों रुपये की बहुमूल्य वक्फ संपत्तियों को मुतवल्लियों के जरिए बेचे जाने और रकम लेकर कुछ संपत्तियों को वक्फ रिकॉर्ड से डिलीट करने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप, बोर्ड स्तर पर ही हटाए गए रिकॉर्ड
शिकायतकर्ता का दावा है कि किसी वक्फ को रिकॉर्ड से हटाने का अधिकार बोर्ड के बजाय कोर्ट के पास है, इसके बावजूद कथित तौर पर बोर्ड स्तर पर ऐसी कार्रवाई की गई।
कई स्तर पर धन के दुरुपयोग की शिकायत
शिकायत में 1995 के बाद उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों के गठन और संचालन को लेकर भी कानूनी सवाल उठाते हुए अलग-अलग बोर्डों के कारण सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
इसके साथ ही लखनऊ की हजरत अब्बास दरगाह, आगरा के मजार शहीद-ए-सालिस और बिजनौर की जोगीपुरा दरगाह में मिलने वाले चंदे में कथित अनियमितताओं का दावा किया गया है।
चंदे की रकम के बंटवारे का आरोप!
शिकायतकर्ता ने चंदे की रकम के कथित बंटवारे में वक्फ बोर्ड से जुड़े कुछ लोगों और एक बड़े मौलाना की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है. फिलहाल ये सभी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप और दावे हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
