रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था पर MPPCB सख्त, पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी पर ₹10.06 लाख की कार्रवाई

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन में भारी लापरवाही बरतने पर रेलवे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) ने स्टेशन पर पर्यावरण को पहुंचे नुकसान का आकलन करते हुए भारतीय रेलवे पर 10.06 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा तय किया है और रिकवरी नोटिस भी जारी कर दिया है। यह पूरा मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने चल रही एक कानूनी सुनवाई के दौरान सामने आया है।

यह कार्रवाई शिवम कुमार कोरी द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई है। याचिकाकर्ता ने स्टेशन पर बदइंतमी और कचरा प्रबंधन की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए थे। NGT की सेंट्रल जोन बेंच के न्यायिक सदस्य जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच के सामने MPPCB ने यह रिपोर्ट पेश की।

NGT में सुनवाई और रेलवे को मिला दो हफ्ते का समय
MPPCB की तरफ से जब बेंच को रिकवरी नोटिस की जानकारी दी गई, तो रेलवे के वकीलों ने इस पर अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से कुछ और समय की मांग की। NGT ने रेलवे की इस अपील को स्वीकार करते हुए उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दे दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 24 सितंबर को तय की गई है।

दूसरी ओर, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने भी ट्रिब्यूनल से जवाब दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है। CPCB का कहना था कि उनका नाम NGT के पोर्टल पर नहीं दिख रहा था, जिसकी वजह से वे अपना जवाब समय पर दाखिल नहीं कर पाए। बेंच ने रजिस्ट्री को इस तकनीकी समस्या को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया और CPCB को भी दो हफ्ते का समय दे दिया है।

संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट में हुआ था बड़ा खुलासा
इससे पहले NGT की ओर से गठित एक संयुक्त जांच समिति ने भोपाल रेलवे स्टेशन का औचक मुआयना किया था। इस जांच टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के पास चोक पड़ी नालियों और ओवरफ्लो होते नालों को अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से दर्ज किया था। इसके अलावा प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर सॉलिड वेस्ट रखने की जगह को ठीक से ढंका नहीं गया था और पटरियों के आसपास कचरे से भरी थैलियां बिखरी मिली थीं।

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर खराब कचरा प्रबंधन के चलते MPPCB ने 10.06 लाख का जुर्माना लगाया।

    NGT की सेंट्रल जोन बेंच में शिवम कुमार कोरी की याचिका पर हो रही है सुनवाई।

    प्लेटफॉर्म 4-5 के पास चोक नाले और प्लेटफॉर्म 6 पर खुला सॉलिड वेस्ट स्टोरेज मिला था।

    रेलवे और CPCB को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मिला है।

    मामले की अगली सुनवाई अब 24 सितंबर को तय की गई है।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि स्टेशन पर गीले और सूखे कचरे को अलग करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा था। कचरे का सही ढंग से कलेक्शन न होने के कारण पर्यावरण और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। ट्रिब्यूनल ने इन्हीं कमियों के आधार पर पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे का आकलन करने के सख्त निर्देश दिए थे।

 

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