भोपाल में सीलिंग कार्रवाई पर ब्रेक के संकेत, 62 हजार दुकानों को लेकर सरकार तलाश रही समाधान

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 
 भोपाल में रहवासी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अभी तक थमी है जिससे व्यापारियों को खासी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन विभाग और भोपाल नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में डेरा डालकर मामले का हल निकालने में जुटे हुए हैं। इस बीच विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों की परेशानी की बात स्वीकार की। जल्द ही इसका हल निकालने का भी भरोसा दिलाया।

भोपाल की 62 हजार से ज्यादा दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटकी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 15 सितंबर को है। इधर व्यापारी नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा
व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा है। 2 सितंबर को जहां सिर्फ 20 दुकानें सील की गईं वहीं 3 सितंबर को यह कार्रवाई भी बंद कर दी गई। शुक्रवार को भी सुबह से लेकर अभी तक एक भी दुकान सील नहीं की गई है।

प्रदेश सरकार का रुख व्यापारियों के पक्ष में है। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। भोपाल निगम आयुक्त संस्कृति जैन भी उनके साथ थीं। दोनों अधिकारियों ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता से मुलाकात कर उन्हें सीलिंग अभियान की जानकारी देते हुए सरकार और निगम का पक्ष रखा। सूत्रों के अनुसार नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दुकानों पर सीलिंग के लिए मोहलत मांगने की बात कह रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
नगरीय प्रशासन विभाग के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ऐसा रास्ता निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे व्यापारियों का नुकसान न हो। कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल के मास्टर प्लान पर भी जल्द निर्णय लेने की बात कही है।

व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही
बता दें कि रिहायशी क्षेत्र में कमर्शियल एक्टिविटी से रहवासी खफा हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील कर रहा है। इससे व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कारोबारियों के उग्र प्रदर्शनों के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सीलिंग से बचाने का रास्ता ढूंढऩा शुरू किया है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry