प्रदूषित जल के प्रभाव एवं समाधान के लिए कलेक्टर-एसपी ने किया मेघनगर क्षेत्र का निरीक्षण

मध्य प्रदेश राज्य

झाबुआ
झाबुआ मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित जल के प्रभाव का मैदानी स्तर पर आकलन करने तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार ने शनिवार को मेघनगर एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने औद्योगिक इकाइयों से नालों में सीपेज के माध्यम से पहुंच रहे प्रदूषित जल को एकत्र कर उपचारित करने की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदूषित जल के संग्रहण के लिए निर्माणाधीन दो कॉमन एफ्लुएंट कलेक्शन सम्प (Common Effluent Collection Sump) का निरीक्षण किया। इन सम्प के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले एफ्लुएंट को एकत्र कर कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपचार किया जाएगा।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने AKVN के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों कॉमन एफ्लुएंट कलेक्शन सम्प का शेष निर्माण कार्य एवं आवश्यक कनेक्शन आगामी 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं, ताकि प्रदूषित जल को नालों में जाने से रोककर एकत्रित किया जा सके तथा उसे उपचार के लिए CETP तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कार्य को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने झायड़ा क्षेत्र में प्रदूषित जल से प्रभावित नाले का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से प्रदूषित जल के प्रवाह, उसके स्रोत एवं आसपास के क्षेत्र पर पड़ रहे प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही झायड़ा स्थित इंटेक वेल का भी निरीक्षण किया गया

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. भरसट ने झायड़ा में स्थित हैंडपंप के पानी की स्थिति भी देखी तथा स्वयं पानी पीकर उसकी प्रत्यक्ष रूप से जांच की। हैंडपंप का पानी स्वच्छ पाया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अनास नदी पर स्थित AKVN की जल प्रदाय व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा जल प्रदाय की वर्तमान स्थिति एवं संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य प्रदूषित जल के प्रभाव की वास्तविक स्थिति का मैदानी स्तर पर आकलन करने के साथ ही उसके प्रभावी एवं दीर्घकालीन समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए औद्योगिक प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान पूर्व विधायक कलसिंह भाबर, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी एस सोलंकी,अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेघनगर सुश्री अवनधती प्रधान एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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