मध्य प्रदेश में मानसून का आखिरी दौर बाकी, सितंबर के अंत में फिर तरबतर होंगे कई इलाके

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 
 मध्यप्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन बारिश का एक और दौर प्रदेश को तरबतर सकता है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2 अक्टूबर के आसपास मानसून की सामान्य विदाई से पहले सितंबर के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी से बनने वाला नया सिस्टम बारिश बढ़ा सकता है. फिलहाल प्रदेश में सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश है, लेकिन मानसून के अंत तक यह कमी सामान्य सीमा के भीतर रहने के आसार हैं. जबकि प्रदेश की सामान्य मौसमी बारिश 37.3 इंच है। 

7 प्रतिशत की कमी, फिर भी कोटा पूरा होने की उम्मीद कम
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' 1 जून से 17 सितंबर तक मध्यप्रदेश में दीर्घकालिक औसत से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं, पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी 2 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 प्रतिशत है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में बारिश होने के बावजूद मानसून का पूरा कोटा हासिल होना मुश्किल है. हालांकि, अंतिम आंकड़ा सामान्य सीमा के भीतर रह सकता है। 

सितंबर के आखिरी सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून
मौसम केंद्र के अनुसार विदाई से पहले दक्षिण-पश्चिम मानसून का एक अच्छा दौर आ सकता है. बंगाल की खाड़ी में 18 सितंबर की शाम तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है. वहीं, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और मजबूत हुआ तो मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं. फिलहाल 20 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. ऊपरी हिस्से से मानसून ट्रफ गुजर रही है और अरब सागर में भी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, लेकिन इनका मध्यप्रदेश पर बड़ा असर नहीं दिख रहा है. हालांकि, स्थानीय मौसम तंत्र से कुछ जिलों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं। 

32 जिलों में बारिश, हाटपिपलिया में पौने 2 इंच
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 32 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई. भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, भिंड, मुरैना, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, अशोकनगर, धार, खरगोन, खंडवा, देवास और शाजापुर में बारिश दर्ज की गई है. सबसे अधिक बारिश देवास के हाटपिपलिया में करीब 45 मिमी रही. रहटगढ़ में 29.4 मिमी और सतना में 25.2 मिमी पानी गिरा। 

बीते 13 साल में आखिरी सप्ताह में बारिश का ट्रेंड
भोपाल के पिछले 13 साल के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में हर साल बारिश हुई है. कभी एक दिन तो कभी लगातार पांच दिन तक पानी बरसा. साल 2019 में पूरे सप्ताह बारिश हुई थी, जबकि 2025 में तीन दिन बारिश दर्ज की गई. 2023 और 2024 में सितंबर के अंतिम सप्ताह के दौरान एक दिन में दो इंच से ज्यादा बारिश भी रिकॉर्ड हुई थी। 

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